“णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।”
नवकार महामंत्र, एक ऐसा दिव्य, अनादि और सार्वभौमिक मंत्र है जो किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने वाला और आत्मीय गुणों में वृद्धि करने वाला महायंत्र है। नवकार महामंत्र का सरल और शाब्दिक अर्थ है—मैं अरिहंतों को प्रणाम करता हूँ, सिद्धों को नमस्कार करता हूँ, आचार्यों, उपाध्यायों और संसार के समस्त साधुओं का वंदन करता हूँ।
इस मंत्र के उच्चारण मात्र से ही मनुष्य अपने भीतर के विकारों को त्यागकर परम शुद्धता की ओर यात्रा आरम्भ कर देता है।नवकार महामंत्र अहिंसा के पक्षधर जैन धर्मियों का मूल मंत्र होने के साथ ही साथ विश्व के लिए भी “परम मंगलकारी मंत्र” कहा गया है।
नवकार महामंत्र के जप से सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है- महेंद्र धाड़ीवाल (एम.एम.धाड़ीवाल ग्रुप)
आज जब दुनिया युद्ध के मुहाने पर खड़ी है, वैश्विक संघर्ष और अस्थिरता अपने चरम पर है तब नवकार महामंत्र का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। नवकार महा मंत्र हमें सिखाता है कि बाहर की शांति की शुरुआत भीतर की शांति से सम्भव है। जब तक मनुष्य अपने भीतर के क्रोध, अहंकार और लोभ को नहीं त्यागेगा तब तक बाहरी शांति संभव नहीं है।नवकार महामंत्र ईश्वर से वरदान मांगने वाला मंत्र नहीं है बल्कि यह आत्मा के गुणों को जागृत करने करने के लिए इष्ट का आह्वान है। इस एक मंत्र में अहिंसा, संयम, सत्य और करुणा का गूढ़ संदेश निहित है।

नवकार महामंत्र का सच्चे मन से किया गया जाप जीवन में सकारात्मकता, करुणा और शांति का संचार करता है- तिलोकचंद बरड़िया (AT Pvt.Ltd.) यदि इस मंत्र की मूल भावना,अहिंसा और सह-अस्तित्व को वैश्विक मंच पर अपनाया जाय तो राष्ट्रों के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति स्वतः कम होकर समाप्त हो सकती है। आज, महाशक्तियों के टकराहट के बीच भी नवकार महामंत्र मानवता को एक नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
विश्व नवकार महामंत्र दिवस का मनाया जाना एक ऐतिहासिक पहल
पिछले वर्ष की ही तरह इस साल भी 9 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन विश्व नवकार महामंत्र दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसे एक धार्मिक आयोजन की जगह वैश्विक शांति और सद्भाव का महाअभियान कहना ज़्यादा उचित होगा।“एक मंत्र, एक दिन, एक संकल्प के साथ विश्व कल्याण” का यह आह्वान समूचे मानवता को एक सूत्र में बांधने का सु-प्रयास है।
नवकार महामंत्र का स्मरण संकट के समय मानसिक शक्ति और साहस प्रदान करता है- अशोक़ कांकरिया (सुमीत ग्रुप) ऐसी सम्भावनाओं पर गम्भीरता के साथ विचार किया जा रहा है कि विश्वभर के लोग एक ही समय पर नवकार महामंत्र का जाप क़रें तो सर्वत्र सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। विश्व नवकार महामंत्र दिवस की नींव 9 अप्रैल 2025 को रखी गई जब भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इस अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने नवकार मंत्र को केवल ध्वनि नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का केंद्र बताया।

नवकार महामंत्र को वैश्विक मंच देने में प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवकार महामंत्र दिवस को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में अपनी सशक्त भूमिका निभाई है। उनके द्वारा प्रस्तुत “संकल्प 9” आज नवकार का ही आधुनिक स्वरूप बना हुआ है “संकल्प 9” के तहत आता है जल का संरक्षण, वोकल फॉर लोकल, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली, गरीबों की सहायता,योग और खेल को बढ़ावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन सिद्धांतों को मिशन लाइफ़ से जोड़ते हुए यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए जैन दर्शन, आज की आवश्यकता भी है और प्रासंगिक भी।
उल्लेखनीय है कि नवकार महामंत्र दिवस को वैश्विक मंच देने के प्रयास में 108 देशों की भागीदारी रही और यही वैश्विक आंदोलन आज सिर्फ़ धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बन चुकी है।
अहिंसा परमो धर्मः के मूल सिद्धांत पर आधारित जैनिज़्म केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है बल्कि विचार, वाणी और व्यवहार में भी अहिंसा का पालन करने की प्रेरणा देता है। आज के युग में जब सोशल मीडिया पर कटुता परोसा जा रहा है, राजनीति विभाजन पर आधारित हो रही है, समाज में असहिष्णुता बढ़ रही है ऐसे समय में नवकार महामंत्र का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। युद्ध और संघर्ष की स्थिति में नवकार महामंत्र, मानसिक और आध्यात्मिक समाधान प्रस्तुत करने वाला साबित हो रहा है।

नवकार महामंत्र हमें अहंकार त्यागकर विनम्रता और समर्पण का मार्ग सिखाता है- गजराज पगारिया (MATS University)
इस मंत्र के मूल तत्व ‘आत्मसंयम’ और ‘करुणा’ को जिस दिन हृदय से वैश्विक स्वीकार्यता मिल जाएगी उस दिन विश्व में स्थायी शांति स्थापना को कोई नही रोक पाएगा। यह एक दिवसीय नही बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत है। मानवता के लिए संदेश है कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य विभाजन नहीं बल्कि एकता है।
सभी आत्माएं समान हैं और प्रत्येक में दिव्यता का वास है इस विचार के साथ नवकार महामंत्र विश्व को एक परिवार की तरह वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से ओतप्रोत कर सकता है।आज की आवश्यकता यह है कि हम नवकार महामंत्र को अपने जीवन का हिस्सा बना लें। 9 अप्रैल 2026 का दिन एक ऐतिहासिक अवसर है जब पूरी दुनिया एक साथ मिलकर शांति, अहिंसा और सद्भाव का संकल्प ले क्योंकि नवकार महामंत्र का संदेश स्पष्ट है – स्वयं को बदलो, संसार बदल जाएगा। विश्व कल्याण के लिए विश्व नवकार महामंत्र दिवस का सार है – “एक मंत्र, एक दिन, एक संकल्प”

सलाहकार संपादक,
NEWS 24 मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

