नई दिल्ली। देश में केरल ऐसा पहला प्रांत बन गया है, जहां सरकार ने सब्जियों की भी न्यूनतम कीमत तय कर दी है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 16 सब्जियों की न्यूनतम कीमतों की घोषणा करते हुए कहा कि यह कीमत एक नवंबर से प्रभावी हो जाएंगी.

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सब्जियों की न्यूनतम कीमत तय की गई है. इससे सब्जी उत्पादकों को राहत मिलेगी. देशभर के किसान पिछले साढ़े चार सालों से संतुष्ट नहीं हैं. हमने किसानों का समर्थन किया है, और प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए इस दिशा में कई कदम उठाए हैं.

केरल सरकार ने पहले चरण में जिन 16 सब्जियों की कीमत तय की है, उसमें कसावा (tapioca) 12 रुपए, केला 30 रुपए, वायानंदन केला 24 रुपए, अन्नानास 15 रुपए, खीरा 8 रुपए, करेला 30 रुपए, रखिया (ashgourd) 9 रुपए, चिचिंडा (snake gourd) 16 रुपए, टमाटर 8 रुपए, नंदन बिन्स 34 रुपए, भिंडी 20 रुपए, बंद गोभी 11 रुपए, गाजर 21 रुपए, आलू 20 रुपए, बरबट्टी 20 रुपए, चकुंदर 21 रुपए और हल्दी 139 रुपए.

कैसे काम करेगा न्यूनतम मूल्य

न्यूनतम कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य की ही तरह काम करेगा. इसके जरिए सब्जियों की कीमत बाजार में न्यूनतम मूल्य से नीचे गिरने पर सरकार किसानों से खरीदी करेगी. इसके बाद बाजार मूल्य और न्यूनतम मूल्य के अंतर की राशि को किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि न्यूनतम मूल्य सब्जियों के उत्पादन लागत से 20 प्रतिशत अधिक है. अगर सब्जियों की बाजार कीमत न्यूनतम मूल्य से नीचे जाता है तो सरकार किसानों से सब्जियों की न्यूनतम कीमत पर खरीदी करेगी.