जांजगीर। जांजगीर–चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक में दागी को बीईओ बना दिया गया था। जिला मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ रहते महेंद्र धर दीवान पर आरोप था कि कलेक्टर–जिला पंचायत सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर कर गबन के मामले में वे शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते युक्तियुक्तकरण में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निलंबन से बहाली के बाद उन्हें एक स्कूल में व्याख्याता बनाया गया था। पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर डीईओ ने महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ ब्लॉक का बीईओ नियुक्त कर दिया था। अब शासन ने उन्हें हटाते हुए अशोक कुमार पाटले, प्राचार्य स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरी, विकासखंड कटघोरा, जिला कोरबा को नवागढ़ का बीईओ बनाया है।

महेंद्र धर दीवान, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर, विकासखंड पामगढ़ को नवागढ़ ब्लॉक का बीईओ बना दिया गया था। डीईओ जांजगीर ने सात जनवरी को आदेश जारी कर महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ बीईओ बनाया था। उनसे पहले नवागढ़ के बीईओ का अन्य जिले में डीईओ बनकर स्थानांतरण होने के बाद यहां बीईओ का प्रभार एबीईओ देख रहे थे। उनकी जगह महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ विकासखंड का प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया था। इसके साथ ही उन्हें आगामी आदेश पर्यंत वित्तीय प्रभार के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन का दायित्व सौंपा गया था।

हुई थी फर्जीवाड़े और फर्जी हस्ताक्षर में एफआईआर
वर्ष 2016 में महेंद्र धर दीवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। तब राजीव गांधी शिक्षा मिशन में महेंद्र धर दीवान मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ थे। वहां ठेकेदार राजेश अग्रवाल को 2 सितंबर 2015 को 2 करोड़ 30 लाख रुपए के अनियमित भुगतान के मामले में उन पर एफआईआर की गई थी। उक्त प्रकरण में समन्वयक प्रमोद आदित्य, विनोद कुमार शर्मा, शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम को भी ठेकेदार सहित दोषी पाया गया था। प्रकरण की जांच अपर कलेक्टर द्वारा की गई थी।
अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर महेंद्र धर दीवान, प्रमोद आदित्य तथा उनके कार्यालय में कार्यरत एपीसी विनोद कुमार शर्मा, ऑपरेटर शेख रफीक, विवेक यादव एवं पंकज विक्रम ने मिलकर तत्कालीन कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जांजगीर–चांपा के हस्ताक्षर नोटशीट में स्कैन कर आपसी मिलीभगत से फर्जी ढंग से ठेकेदार राजेश अग्रवाल को भुगतान कर दिया।
जिला मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा स्कूलों के विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, जिला जांजगीर–चांपा को कार्य एजेंसी बनाया गया था। कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर को 501 शाला भवनों के विद्युतीकरण के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी। इनमें से 349 शाला भवनों में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कराया गया।
सक्ती के 43 शाला भवनों में बार-बार नोटिस देने के बावजूद ठेकेदार ने कार्य पूर्ण नहीं कराया। विकासखंड जैजैपुर के 57 स्कूलों में कराए गए कार्यों में कई स्कूलों में गुणवत्ताहीन कार्य पाए गए, जिन्हें सुधारा नहीं गया। शेष कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण 100 भवनों में विद्युतीकरण की राशि 30 लाख रुपए वापस की गई। विभिन्न विकासखंडों के 52 शाला भवनों में विद्युतीकरण कार्य उपयुक्त स्थिति जैसे भवन नहीं होना, पूर्व में विद्युतीकरण होना एवं जर्जर भवन होने के कारण 15 लाख 60 हजार रुपए वापस किए गए। इस प्रकार विभाग द्वारा राजीव गांधी शिक्षा मिशन को 152 शाला भवनों की कुल 45 लाख 60 हजार रुपए की राशि वापस की गई। कार्य निरस्तीकरण की सूचना भी ठेकेदार को दे दी गई थी।
बावजूद इसके ठेकेदार ने कार्य किए बिना बिल जमा कर दिया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के सब इंजीनियर ने भी इसका मूल्यांकन कर दिया। इसके बाद जिला मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ महेंद्र धर दीवान और उनके ऑपरेटर व स्टाफ ने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के हस्ताक्षर स्कैन कर ठेकेदार को भुगतान हेतु चेक जारी करवा दिया। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ कार्यालय द्वारा जांजगीर कोतवाली थाने में प्रमोद कुमार आदित्य, महेंद्र धर दीवान, विनोद शर्मा, शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम एवं राजेश अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में एफआईआर क्रमांक 519/16 धारा 120बी, 34, 420, 409 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जिसमें महेंद्र धर दीवान ने गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
युक्तियुक्तकरण में हुए थे निलंबित
महेंद्र धर दीवान को बम्हनीडीह विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते संभाग आयुक्त सुनील जैन ने जून 2025 में निलंबित कर दिया था। उन्हें युक्तियुक्तकरण में धांधली करने पर निलंबित किया गया था। दो माह बाद अगस्त 2025 में निलंबन से बहाली के साथ ही उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर, विकासखंड पामगढ़ में प्राचार्य के पद पर पदस्थापना दी गई थी।
अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया तबादला
बीईओ की पोस्टिंग का अधिकार राज्य सरकार का होता है। स्कूल शिक्षा विभाग बीईओ की पोस्टिंग करता है, पर डीईओ द्वारा अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बीईओ की पदस्थापना कर दी गई। दागी को बीईओ बनाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप उन पर लगाया जा रहा है। इसके अलावा डीईओ अशोक सिन्हा पर सहायक ग्रेड-तीन से सहायक ग्रेड-दो की पदोन्नति के बाद काउंसलिंग की बजाय सीधे पदोन्नति देने और शासन के अटैचमेंट नहीं देने के निर्देशों के बावजूद दो व्याख्याताओं को अटैचमेंट देने की भी शिकायत है।
राज्य शासन ने हटाया
राज्य शासन द्वारा अशोक कुमार पाटले, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरी, विकासखंड कटघोरा, जिला कोरबा की सेवाएं प्रति व्यक्ति से वापस लेते हुए प्रशासनिक आधार पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़, जिला जांजगीर–चांपा के पद पर पदस्थ किया गया है।
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