गया। शहर की सड़कों पर अब पैदल चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। मंगलवार को आवारा कुत्तों ने जमकर उत्पाद मचाया, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में चीख-पुकार मच गई। चौक, जीबी रोड और बैरागी मोहल्ले जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सुबह से लेकर दोपहर तक कुत्तों ने राहगीरों पर ताबड़तोड़ हमले किए। महज कुछ घंटों के भीतर ही 40 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो गए, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।

​अस्पताल में मची अफरा-तफरी

हमले के शिकार घायलों को तुरंत जेपीएन अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक मरीजों की भीड़ बढ़ने से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। सभी घायलों को आनन-फानन में एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा और दोपहर तक यह संख्या 40 पार कर गई। डॉक्टरों ने अंदेशा जताया है कि घायलों की कुल संख्या अभी और बढ़ सकती है।

​प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती

पीड़ितों ने बताया कि कुत्तों के झुंड ने बिना किसी उकसावे के अचानक हमला किया। बैरागी मोहल्ले के संदीप गुप्ता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह सड़क से गुजर रहे थे, तभी कुत्तों ने उन पर हमला कर हाथ-पैर में काट लिया। नई गोदाम के राजेश कुमार के अनुसार, अब लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब कुत्तों का झुंड बाइक सवारों का पीछा कर उन्हें दुर्घटना का शिकार बनाने की कोशिश करता है।

​नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।