राजधानी में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार हर साल 10 नए स्कूलों का निर्माण करेगी। सरकार ने वर्ष 2029 तक कुल 50 नए स्कूल बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिससे मौजूदा स्कूलों पर छात्रों का अतिरिक्त दबाव कम हो सके। इसके अलावा 75 सीएमश्री स्कूलों के निर्माण की भी योजना है। हालांकि, मौजूदा निर्माण एजेंसियों पर पहले से अधिक कार्यभार होने के कारण इन परियोजनाओं में तेजी नहीं आ पा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्य में सहयोग हेतु 5 पीएसयू कंपनियों को जोड़ने की योजना बनाई है, ताकि स्कूलों का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके।
दिल्ली के कई इलाकों में सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं और कई स्थानों पर अब भी टीन शेड में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। राजधानी में कुल 799 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 284 स्कूलों में जगह की कमी के कारण दो शिफ्ट में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने नए स्कूल भवनों के निर्माण के साथ-साथ अतिरिक्त क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, स्टाफ रूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण की योजना तैयार की है। इन निर्माण कार्यों को जल्द शुरू किया जाना है ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।
स्कूल भवनों से जुड़े निर्माण और मरम्मत कार्य फिलहाल पीडब्ल्यूडी तथा दिल्ली सरकार के पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के माध्यम से कराए जाते हैं। हालांकि, इन एजेंसियों पर पहले से ही अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। दोनों एजेंसियों के पास बड़ी संख्या में निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्य लंबित हैं। इसका सीधा असर न केवल परियोजनाओं की गति पर पड़ रहा है, बल्कि उन बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जिन्हें स्कूल भवन तैयार होने के बाद वहां पढ़ना था। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि इन कार्यों को अन्य एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा, क्योंकि विभाग अधिकांश निर्माण कार्य मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखता है।
शिक्षा विभाग को एनबीसीसी, एनपीसीसी, डब्ल्यूएपीसीओएस, ईपीआईएल और यूपीआरएनएलएल की ओर से स्कूल निर्माण से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। शिक्षा विभाग ने इन प्रस्तावों पर सहमति जताते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद के माध्यम से इन्हें कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इन एजेंसियों को निर्माण कार्य सौंपा जा सकता है, जिससे राजधानी में नए और आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूलों का निर्माण तेजी से किया जा सकेगा।
129 सरकारी स्कूल खराब हालत में हैं
दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार राजधानी में 129 सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द दुरुस्त किया जाना है। इनमें से 9 स्कूलों में अतिरिक्त कमरों के निर्माण की आवश्यकता बताई गई है, जबकि 68 ऐसे स्कूल हैं जहां एक या उससे अधिक इमारतें जर्जर हालत में हैं। सरकार का फोकस इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है ताकि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी।
1709 मेधावियों को मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति सौंपी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को त्यागराज स्टेडियम में ‘दिल्ली उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सहायता योजना’ के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में 1709 विद्यार्थियों को कुल 25.25 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की। यह योजना शिक्षा निदेशालय की ओर से लागू की गई है, जिसका उद्देश्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो।
छात्रों का अनुशासन राष्ट्र को आगे ले जाएगा : सीएम
छत्रसाल स्टेडियम में सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता (उत्तरी जोन) 2025-26 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र-निर्माण के मूल्यों को विकसित करने का प्रभावी मंच हैं। उन्होंने कहा कि बैंड प्रतियोगिता जैसे आयोजन छात्रों में अनुशासन, रचनात्मकता और नेतृत्व कौशल को मजबूत करते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
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