नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने शहर में 11 एकीकृत जनस्वास्थ्य लैब (Integrated Public Health Labs) स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस परियोजना को गति देते हुए दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने इन लैब्स के संचालन के लिए 116 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये नियुक्तियां कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएंगी। भर्ती के तहत पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ प्रशिक्षित लैब तकनीशियन भी शामिल किए जाएंगे। इन विशेषज्ञों की नियुक्ति से लैब्स में आधुनिक और सटीक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत 11 एकीकृत जनस्वास्थ्य लैब (Integrated Public Health Labs) शुरू करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इन लैब्स की स्थापना के लिए 11 अस्पतालों का चयन पहले ही कर लिया है। साथ ही, संबंधित अस्पतालों में लैब स्थापित करने के लिए स्थान भी निर्धारित किया जा चुका है, जिससे परियोजना को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार, जुलाई तक इन सभी लैब्स में जांच सेवाओं का संचालन शुरू होने की संभावना है। खास बात यह है कि ये लैब्स 24 घंटे (24×7) संचालित होंगी, जिससे मरीजों को किसी भी समय जांच सुविधा मिल सकेगी। इन आधुनिक लैब्स में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित लैब तकनीशियन तैनात किए जाएंगे। इससे जांच की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी।

118 तरह की जांच होगी उपलब्ध

इन अत्याधुनिक लैब्स में 118 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर कई तरह की जांच कराने की सुविधा मिलेगी। प्रत्येक लैब को जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से जोड़ा जाएगा। PHC पर आने वाले मरीजों के सैंपल वहीं से एकत्र किए जाएंगे, इसके बाद सैंपल को जांच के लिए इन जनस्वास्थ्य लैब्स में भेजा जाएगा, इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को लाभ मिलेगा ।

लैब्स के सुचारू संचालन के लिए अब भर्ती प्रक्रिया भी तेज कर दी गई 100 लैब तकनीशियन की नियुक्ति की जाएगी ,16 विशेषज्ञ डॉक्टर (पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री) तैनात किए जाएंगे  स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भविष्य में आवश्यकता के अनुसार डॉक्टरों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।

क्या होगा फायदा?

मरीजों को एक ही जगह पर कई जांच सुविधाएं मिलेंगी , PHC स्तर से ही जांच प्रक्रिया आसान होगी , समय पर और सटीक डायग्नोसिस संभव होगा , इस पहल से मरीजों को सस्ती, सुलभ और तेज जांच सुविधा मिलेगी। साथ ही, सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा और बीमारियों की समय पर पहचान संभव हो सकेगी। अस्पतालों पर दबाव कम होगा।

इन अस्पतालों में बनेंगी लैब

लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, इंदिरा गांधी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लोक नायक अस्पताल, गुरु गोबिंद सिंह सरकारी अस्पताल, अंबेडकर नगर अस्पताल, जग प्रवेश चंद्र अस्पताल, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल, आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल, महर्षि वाल्मीकि अस्पताल, पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल

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