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चुनावी साल में बढ़ी हड़ताल: MP में बिजली कर्मचारियों की बातचीत बेअसर, हड़ताल 5वें दिन भी जारी, 8 हजार से ज्यादा डॉक्टर्स आंदोलन की राह पर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी हड़ताल पर बैठीं

अमृतांशी जोशी, भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावी साल में तारीख जैसे-जैसे नजदीक पहुंच रही है, आंदोलनकारियों की मांगें भी तेज हो गई हैं. एमपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल (Electricity workers strike in MP) का आज पांचवा दिन है. मंत्री और अधिकारियों से बातचीत बेअसर होने के बाद कर्मचारी संगठन ने हड़ताल निरंतर जारी रखने का फैसला लिया है. अब प्रदेश के डॉक्टर्स भी डीएसीपी योजना लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर है. जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर खतरा मंडराने लगा है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं.

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का पांचवा दिन

मध्य प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल (Electricity workers strike in MP) का आज पांचवा दिन है. मंत्री और अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की बात नहीं बनी है. कर्मचारी संगठन ने हड़ताल निरंतर जारी रखने का फैसला किया है. यूनाइटेड फोरम संगठन के नेतृत्व में हड़ताल हो रही है. एमपी के कई जिलों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है. कई जिलों में बारिश होने के कारण लाइन फाल्ट है और कर्मचारी नहीं है. हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति दयनीय हो गई है.

मैहर की बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने पत्र लिखकर हड़ताल जल्दी खत्म कराने की मांग की है. क्योंकि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बिगड़ रही है. भोपाल शहर में भी कई विद्युत सब स्टेशनों में कर्मचारी नहीं होने के कारण ताला लगा हुआ है. 5 सूत्रीय मांगों को लेकर बिजली कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जिसमें संविदा नियमितीकरण, आउट सोर्स का संविलियन, वेतन वृद्धि, OPS की मांग शामिल है. प्रदेश में 19 हजार नियमित, 45 हजार आउटसोर्स और 6 हजार संविदा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं.

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प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराया खतरा

प्रदेश के डॉक्टर्स अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन (doctors strike) करने जा रहे हैं. 27 जनवरी से आंदोलन के तहत जिलों में यात्रा निकाली जाएगी. डीएसीपी स्कीम लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर है. प्रदेश में पहली बार 8 हज़ार से ज्यादा डॉक्टर्स आंदोलन की राह पर है. हर ज़िले में चिकित्साक जागरण यात्रा होगी. 10 दिन की यात्रा का भोपाल में समापन होगा.

इस बीच सरकार से नहीं बना संवाद तो डॉक्टर्स 6 फ़रवरी से कामबंद हड़ताल पर रहेंगे. संगठनों ने एक साथ मिलकर महासंघ बनाया है. एक साथ ये संगठन शामिल होंगे. चिकित्सा शिक्षा विभाग में 3 हज़ार डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग में 5 हज़ार डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर ME में 500 डॉक्टर और ईएसआई में 300 डॉक्टर पदस्थ है.

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी आंदोलन पर

मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 6 दिन की तालाबदी हड़ताल (Anganwadi workers strike) पर हैं. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय बढ़ाने के लिए संघर्ष करती आ रही हैं. सरकार की तरफ से सुनवाई नहीं हो रही है. नाराज कार्यकर्ताओं ने 6 दिवसीय तालाबंदी हड़ताल करने का निर्णय लिया. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका प्रतिमाह मानदेय 10 हजार है. महंगाई के दौर में कम मानदेय से घर चलाना दुश्वार हो रहा है. बच्चों की भी शिक्षा का इंतजाम नहीं हो पा रहा है.

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