कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली छात्रा आरती कुमारी को बीएड की फर्जी मार्कशीट थमा दी गई। इसका खुलासा तब हुआ जब वह सत्यापन कराने विश्विद्यालय पहुंची।

छात्रा को उसके पड़ोसी ने जीवाजी विश्वविद्यालय से बीएड कराने का झांसा देकर 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। साथ ही फर्जी परीक्षा के बाद फर्जी मार्कशीट थमा दी। हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से फर्जी मार्कशीट दिए जाने पर ठग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सलाह छात्रा को दी है।

दरअसल छात्रा आरती कुमारी ने विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ राजीव मिश्रा से मुलाकात के दौरान बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले एक निजी स्कूल के शिक्षक राजेश सिंह ने साल 2024 में उसे जीवाजी विश्वविद्यालय से B.Ed कराने का भरोसा दिलाया था। उसने दावा किया कि 95 हजार में एडमिशन से लेकर परीक्षा और मार्कशीट तक की पूरी प्रक्रिया सेट करवा दी जाएगी। उसके झांसे में आकर उसने अलग-अलग किस्तों में राजेश सिंह को 70 हजार रुपए दे दिए। 

इसके बाद राजेश ने उसे परीक्षा दिलाने के लिए झांसी भी बुलाया। वहां एक जगह पर करीब 20 से अधिक छात्रों के साथ परीक्षा दिलवाई गई। उस समय लगा कि यह विश्वविद्यालय की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन कुछ दिनों बाद राजेश ने उसके व्हाट्सएप पर पहले और दूसरे सेमेस्टर की मार्कशीट भेज दी। एक साथ दो सेमेस्टर की मार्कशीट मिलने पर संदेह हुआ और वह सत्यापन करने के लिए ग्वालियर पहुंची। जब विश्वविद्यालय से जानकारी मिली तो उसे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जो मार्कशीट उसे दी गई थी वह पूरी तरह से फर्जी थी। विश्वविद्यालय से इसका कोई संबंध नहीं था। 

छात्रा ने कुल सचिव राजीव मिश्रा से इसकी शिकायत की है। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से छात्रा को बताया गया है कि उच्च शिक्षा विभाग की ऑनलाइन काउंसलिंग के बिना बीएड कॉलेज में प्रवेश असंभव होता है। ऐसे में झांसे में लेकर ठगी करने वाले राजेश सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की सलाह विश्विद्यालय की ओर से छात्रा को दी गयी है।

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