कराची। भारत से अलग होकर जब पाकिस्तान बना, तब न तो मोहम्मद अली जिन्ना को और न ही महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू के साथ दोनों देशों की आवाम को अहसास रहा होगा कि आने वाले दशकों में पाकिस्तान किस तरह का मुल्क बनेगा. लेकिन आज पाकिस्तान कैसा देश बन गया है, इसकी बानगी कराची के चिड़ियाघर में ‘मुमताज बेगम’ के तौर पर नजर आती है.
कराची शहर के बीचों-बीच गार्डन ईस्ट क्षेत्र में निश्तर रोड पर स्थित कराची चिड़ियाघर पाकिस्तान का दूसरा सबसे पुराना और सबसे बड़ा चिड़ियाघर है, जो लगभग 33 एकड़ में फैला हुआ है. कहने को तो इस चिड़ियाघर में एक मुगल गार्डन, एक्वेरियम और प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय है, लेकिन लोगों को जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती है वह है ‘मुमताज बेगम’.
बोलने वाली आधी इंसान और आधी जानवर ‘मुमताज बेगम’ बताती हैं कि 47 साल पहले उसे अफ्रीका से कराची चिड़ियाघर लाया गया था, तब से वह लोगों का मनोरंजन कर रही है. मुमताज बेगम का इंसानी चेहरा मेकअप से भरपूर, और जिस्म लोमड़ी का, जिसके केवल दो पैर (एक हाथ, एक पैर) हैं.

इसे देखने के लिए न केवल कराची से बल्कि लाहौर, इस्लामाबाद और पाकिस्तान के दूर-दराज इलाकों से लोग आते हैं. ‘मुमताज बेगम’ को देखने के लिए बाकायदा लोगों की लाइन लगती है. जब बारी आती है तो लोग अपने-अपने सवाल भी पूछ लेते हैं. और वह उनका बाकायदा जवाब भी देती है!
कराची चिड़ियाघर के सिक्योरिटी ऑफिसर सज्जाद बताते हैं कि दरअसल, ये खातून (महिला) हैं, जो लोगों का मनोरंजन करती हैं. कराची चिड़ियाघर पहुंचे यूट्यूबर के सवाल के जवाब में मुमताज बेगम बताती हैं कि उन्हें देखने के लिए आने वाले लोग उनसे खुशहाली की दुआएं मांगते हैं. फिर यह भी सवाल करते हैं कि वह ऐसे कैसे बन गईं. कुछ लोग उन्हें दिखाकर अपने बच्चों को डराते भी हैं कि अगर तुमने को कुछ गलत किया तो ऐसे बन जाओगे.
यूट्यूबर के पिजड़े से बाहर निकलने की ख्वाहिश पूछे जाने पर मुमताज बेगम बताती हैं कि उन्हें कभी ऐसी इच्छा नहीं हुई, क्योंकि वह जानवर है, इंसान नहीं. ख्वाहिश केवल इंसानों में होती है, जानवरों में नहीं. वहीं खाने-पीने के सवाल पर मुमताज बताती हैं कि वह मिर्च-मसाले के अलावा सबकुछ खा लेती हैं.
मुमताज बेगम को देखने के लिए चिड़ियाघर पहुंचने वाले बहुत से लोग हकीकत से वाकिफ होते है. लोग मानते हैं कि दर्शकों के मनोरंजन के लिए ‘मुमताज बेगम’ के तौर पर इंसान को कराची चिड़ियाघर में रखा गया है. अगर असल में धड़ जानवर का, और सिर इंसान का होता तो अब तक ‘मुमताज बेगम’ महफूज नहीं रहती. लोग कहते हैं कि पाकिस्तान में जब लोग महफूज नही हैं, तो इस तरह के जानवर कैसे महफूज रह सकता है.
अगर अब भी अगर मुमताज बेगम की कहानी पर आपको यकीन नहीं आ रहा है तो देखिए वीडियो –
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