ऐसे हैं आपके जनप्रतिनिधि, विकास के लिए मिली राशि को नहीं किया पूरा खर्च, अब हो जाएगी निरस्त

सुशील सलाम, कांकेर। नगरपालिका परिषद कांकेर के कई पार्षदों ने विकास कार्य के लिए मिलने वाली पार्षद निधि का एक बड़ा हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया है। पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने में अब कुछ ही महीनों का समय शेष रह गया है। दिसंबर में नई परिषद के गठन के लिए चुनाव संभावित हैं और इससे पूर्व आचार संहिता लग जाएगी। जिससे पार्षद उन्हें मिलने वाली निधि को खर्च नहीं कर सकेंगें।

नगरपालिका क्षेत्र में निर्वाचित पार्षदों को अपने वार्डो के विकास कार्य के लिए हर वर्ष पार्षद निधि के रूप में तीन लाख रूपये की शासन के माध्यम से पार्षदों को प्राप्त होते हैं। जिसे पार्षद अपने वार्ड में जरूरतों के अनुसार खर्च करते हैं। लेकिन कांकेर नगरपालिका के सक्रिय पार्षदों में गिने जाने वाले राजापारा वार्ड पार्षद अजय पप्पू मोटवानी पार्षद निधि खर्च करने के मामले में अन्य सभी पार्षदों से सबसे पीछे नजर आ रहे है। राजापारा वार्ड पार्षद अजय पप्पू मोटवानी के पार्षद निधि में 472712 रूपये शेष हैं। जिससे पता चलता है कि उन्होंने इस सत्र में मिली तीन लाख रूपये की राशि को विकास कार्य में खर्च नहीं किया और वहीं पिछले सत्र में भी उन्हें मिले पार्षद निधि का एक बड़ा हिस्सा खर्च नहीं कर सके थे।

पार्षद निधि काे विकास कार्यों में खर्च न कर सकने वाले पार्षदों में मांझापारा वार्ड पार्षद दिनेश रजक, सुभाष वार्ड पार्षद दीपक खटवानी, बरदेभाटा वार्ड पार्षद ईश्वर नाग, अघन नगर वार्ड पार्षद जागेश्वरी साहू, श्रीराम नगर पार्षद बीना अजय रेणु का नाम भी शामिल है। जिन्होंने इस सत्र में पार्षद निधि की आधी राशि ही विकास कार्यों में खर्च की है। नगरपालिका के पार्षदों की कुल शेष राशि पर नजर डाली जाए, तो पार्षदों के द्वारा 1 करोड़ 80 लाख रूपये की राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जाना शेष है। पार्षद निधि को लेकर जो तस्वीर देखने को मिल रही है। उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित क्षेत्र के स्थानीय लोगों को कितनी राहत मिली होगी। वहीं सत्र समाप्त होने के बाद फिर से इस सत्र 2019-20 के लिए पार्षद निधि शासन से प्राप्त होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में सवाल उठाता है कि क्या कार्यकाल समाप्त होने से पहले पार्षद उन्हें मिलने वाली पार्षद निधि की राशि को विकास कार्यों में खर्च कर पाएंगे।

पार्षद निधि खर्च करने आगे रहे पार्षद

शहर के कई पार्षद ऐसे भी हैं, जो पार्षद निधि को खर्च करने में आगे दिखाई दे रहे हैं। जिनमें आमापारा वार्ड पार्षद सतीश दीपक, शीतलापारा वार्ड पार्षद मकबूल खान, भंडारीपारा वार्ड पार्षद सुनीता यादव, जवाहर वार्ड पार्षद जयंत अटभैया ने पार्षद निधि की पूरी राशि खर्च कर दी है। साथ ही उदय नगर पार्षद संजीव सोनी भी पार्षद निधि खर्च करने में अन्य पार्षदों से आगे रहे हैं।

पार्षदों की शेष निधि

1 अप्रैल 2019 की स्थिति में पार्षदों की शेष निधि पर नजर डाली जाए

वार्ड                         पार्षद का नाम                पार्षद निधि में शेष राशि

अलबेलापारा             रमेश गौतम                          054425
उदय नगर                संजीव सोनी                          002812
शिव नगर                 संजीव अहिरवार                    078359
माहुरबंदपारा           अंकित पोटाई                         062272
जवाहर वार्ड             जयंत अटभैया                        000000
संजय नगर               यासीन कराणी                       060071
आमापारा                 सतीश दीपक                         000000
शीतलापारा              मकबूल खान                         000000
श्रीरामनगर               बीना अजय रेणु                     145532
भंडारीपारा               सुनीता राकेश यादव              000000
महादेव वार्ड            अनीस मतीन खान                 073930
मांझापारा                 दिनेश रजक                         133620
अन्नपूर्णापारा            विजय यादव                         038931
एमजी वार्ड              मीरा सलाम                          027786
शांति नगर               रमशील साहू                        035482
कंकालीनपारा          उत्तम यादव                         037508
बरदेभाटा वार्ड         ईश्वर नाग                             143135
अघन नगर              जागेश्वरी साहू                        158381
जनकपुर वार्ड          पुष्पा बिछिया                       026121
राजापारा वार्ड         अजय पप्पू मोटवानी             472712

निधि खर्च करने में अध्यक्ष भी पीछे

पार्षदों के साथ-साथ नगरपालिका अध्यक्ष भी उन्हें मिलने वाली निधि को खर्च करने में पीछे ही दिखाई दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष को एक वर्ष में 25 लाख रूपये निधि के रूप में मिलते हैं, जिनका उपयोग नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्यों में किया जाना होता है। अप्रैल 2019 की स्थिति में अध्यक्ष निधि में 16 लाख 83 हजार रूपये शेष है। इसी प्रकार एल्डर मेन को मिलने वाली निधि में केवल एक एल्डरमेन निपेन्द्र पटेल ही निधि खर्च करने में पीछे रह गए। उनके निधि में अब भी 127583 रूपये शेष हैं। वहीं अन्य चार एल्डर मेने ने अपनी पुरी राशि विकास कार्यों में खर्च कर दी।

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