कुंदन कुमार/पटना। सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार में शराबबंदी की विफलता और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक कहा कि बिहार में शराब अब केवल एक प्रतिबंधित वस्तु नहीं बल्कि यमराज की भूमिका में है जो मासूमों की जान ले रही है।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोप
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि शराब तस्करी का पैसा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि यह सरकारी दफ्तरों से होता हुआ राजधानी पटना तक पहुंचता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी कोई मामला सामने आता है तो केवल छोटे कर्मचारियों या चौकीदार पर गाज गिरा दी जाती है जबकि बड़े अधिकारी और दरोगा सुरक्षित बच निकलते हैं। उनके अनुसार पूरा सरकारी तंत्र तस्करों के चंगुल में है और सरकार उन्हें प्रत्यक्ष संरक्षण दे रही है।
तस्करी से माननीय बनने तक का सफर
सांसद ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि शराब तस्करी के काले धन ने बिहार की राजनीति का अपराधीकरण कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कमाई के दम पर कई लोग पंचायत प्रतिनिधि बन गए दर्जनों विधायक बन गए और यहां तक कि एक-दो लोग तो संसद तक भी पहुंच गए हैं। यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है।
बुलडोजर नीति और नालंदा कांड पर घेरा
नालंदा में हुई हालिया घटना (चिरहरण) का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अपराधियों के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चलता? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल गरीबों के आशियाने उजाड़ने में बहादुर बनती है जबकि अपराधियों के दम पर ही सत्ता का समीकरण तैयार किया जाता है। सुधाकर सिंह के अनुसार सरकार को आम जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
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