सोहराब आलम/मोतिहारी। शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में सुगौली विधानसभा क्षेत्र के राजकीयकृत नंद उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक रामचंद्र सहनी भी मौजूद रहे।

​आधारभूत सुविधाओं और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच

​निरीक्षण के दौरान विधायक ने विद्यालय के कोने-कोने का मुआयना किया। उन्होंने न केवल कक्षा की दीवारों और छतों की स्थिति देखी, बल्कि विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों और विकास कार्यों पर हुए खर्च की भी गहन समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां उजागर हुईं, जिस पर विधायक ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी राशि का उपयोग विद्यालय के उत्थान और छात्रों की सुविधाओं के लिए ही होना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​छात्रों की कम उपस्थिति पर जताई चिंता

​विधायक की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण विद्यालय में छात्रों की बेहद कम उपस्थिति रही। कक्षाओं में छात्रों की कम संख्या देख उन्होंने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, तो यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे अभिभावकों से संपर्क करें और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करें।

​छात्रों से संवाद और शिक्षकों को निर्देश

​निरीक्षण के दौरान विधायक बबलू गुप्ता स्वयं कक्षाओं में गए और छात्रों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे आप अपने परिवार और समाज का भविष्य बदल सकते हैं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
​अंत में, उन्होंने स्कूल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि पठन-पाठन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार लाया जाए और विद्यालय के संचालन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार निरीक्षण में सुधार नहीं दिखा तो उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।