शिरोमणि अकाली दल में चल रहे विवाद के संदर्भ में 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में सुखबीर बादल और 2007 से 2017 तक के मंत्रियों को सजा सुनाई जा सकती है। इस घटनाक्रम से पहले सोशल मीडिया पर कई चर्चाएं हो रही थीं।
अब अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अकाली दल का हर कार्यकर्ता और नेता हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहेगा। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें जत्थेदारों के खिलाफ बातें लिखी गई हैं। सुखबीर बादल ने इस पर बयान जारी करते हुए इसे निंदनीय बताया।
सुखबीर बादल ने क्या कहा?
शिरोमणि अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, “अकाल तख्त महान है और सिख धर्म का गौरव है। मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब और सिंह साहिबानों के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। इसके लिए फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं, जो कि बेहद निंदनीय है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने कहा कि अकाली दल का हर नेता और कार्यकर्ता श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति निष्ठावान है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस समय सांप्रदायिक ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने सिर झुकाते हुए इस तरह के झूठे प्रचार की कड़ी निंदा की।
जत्थेदार का निर्देश: बयान देने से बचें
जथेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने इस मामले पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से परहेज करने की सलाह दी है। इसे सुधार लहर ने स्वीकार कर लिया है। कन्वीनर गुरप्रताप सिंह वडाला ने सुधार लहर के नेताओं से अपील की कि वे 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले से पहले और बाद में किसी तरह की बयानबाजी से बचें। यह बैठक सामुदायिक एकता और सुधार के लिए समर्पित है।

सुखबीर बादल के समर्थन में गाया गया गीत विवादों में
सुखबीर बादल के समर्थन में गाए गए एक गीत को लेकर भी सवाल उठे हैं। हरियाणवी गायक रॉकी मित्तल द्वारा गाए इस गीत में सुखबीर बादल को साजिश में फंसाने की बात कही गई है। सुधार लहर के नेताओं ने इसे गलत बताते हुए कहा कि फैसले से पहले ऐसा गीत जारी करना श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा पर सवाल उठाने जैसा है। उनका कहना है कि जब मामला विचाराधीन है, तो इस तरह का प्रचार उचित नहीं है।
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