रायपुर। समय बदला, फैशन बदला, ट्रेंड बदले, लेकिन जो नहीं बदला वह है जन-जन का सुमीत ग्रुप पर अटूट भरोसा। 7 फरवरी 1984 को शुरू हुई एक साधारण-सी दुकान आज 42 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तय कर छत्तीसगढ़ के सबसे भरोसेमंद रिटेल ब्रांड्स में शुमार हो चुकी है। यह सफर केवल व्यापारिक विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, रिश्तों, गुणवत्ता और ईमानदारी की वह मिसाल है, जिसने तीन पीढ़ियों तक ग्राहकों की सेवा की है।
त्योहार हों, शादियां हों या रोजमर्रा की जरूरतें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग को सुमीत ग्रुप ने हमेशा अपनेपन का एहसास दिया है। यही वजह है कि बदलते दौर में भी सुमीत ग्रुप लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
छोटी दुकान से विशाल ग्रुप तक का सफर

छत्तीसगढ़ की व्यावसायिक धरती पर जिन नामों ने अपनी अलग पहचान बनाई है, उनमें अशोक कांकरिया का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। भिलाई निवासी कांकरिया परिवार ने रायपुर की दादाबाड़ी के पास एक छोटे से कांकरिया कटपीस सेंटर से इस सफर की नींव रखी। इसके बाद बैजनाथ पारा में होलसेल कपड़े की दुकान शुरू हुई और फिर 7 फरवरी 1984 को जन्म हुआ सुमीत सेल रिटेल शॉप का। यही वह दिन था, जिसने आने वाले दशकों के लिए सफलता की दिशा तय कर दी। 1990 में उरला औद्योगिक क्षेत्र, फिर पंडरी कपड़ा मार्केट और उसके बाद पूरे छत्तीसगढ़ में शाखाओं का विस्तार, यह सब किसी चमत्कार से कम नहीं था। लेकिन इस सफलता के पीछे कठोर परिश्रम, धैर्य और दूरदृष्टि की मजबूत नींव रही। आज सुमीत ग्रुप के 42 से अधिक स्टोर्स प्रदेशभर में विश्वास का दूसरा नाम बन चुके हैं।
‘क्वालिटी अनमोल, बजट पर कंट्रोल’ का भरोसा
महंगाई के इस दौर में जब रिटेल शॉपिंग आम आदमी के लिए चुनौती बनती जा रही है, तब भी सुमीत बाजार ने “क्वालिटी अनमोल, बजट पर कंट्रोल” के मूलमंत्र के साथ ग्राहकों को राहत दी है। बहुमंजिला शोरूम, हर उम्र और हर वर्ग के लिए अलग-अलग कलेक्शन और हर बजट के अनुसार विकल्प—यही वजह है कि सुमीत बाजार आज आम आदमी की पहली पसंद बन चुका है। होलसेल रेट पर रेडीमेड कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान इन सबके लिए सुमीत बाजार का नाम आज भी सबसे आगे है।
ज्वेलरी सेक्टर में भी रचा इतिहास

कपड़ा कारोबार में सफलता के बाद सुमीत ग्रुप ने 5 मई 2005 को सुमीत ज्वेलर्स के रूप में ज्वेलरी सेक्टर में कदम रखा। शुरुआत में संदेह और सवाल जरूर थे, लेकिन अशोक कांकरिया ने हार नहीं मानी। एक वर्ष तक सोने के बाजार का गहन अध्ययन, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने के बाद सुमीत ज्वेलर्स ने शानदार शुरुआत की।
आज सुमीत ज्वेलर्स रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। केवल रायपुर में ही एक लाख से अधिक ग्राहक इस ब्रांड से जुड़े हैं। रिटेल ज्वेलरी इंडिया अवॉर्ड–2025 का सम्मान मिलना न केवल सुमीत ग्रुप, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
शुभम के-मार्ट से मल्टी-वैराइटी रिटेल में विस्तार

“शॉपिंग करो खुल के, पैसे बचाओ जम के” की टैगलाइन के साथ शुभम के-मार्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह एक मल्टी-वैराइटी स्टोर है, जिसकी शाखाएँ अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गुजरात, राजस्थान और ओडिशा तक फैल चुकी हैं।
वर्तमान में शुभम के-मार्ट के 60 शोरूम्स संचालित हैं और आने वाले समय में 100 से 150 स्टोर्स खोलने की योजना है। यह कदम सुमीत ग्रुप की दूरदर्शी सोच और विस्तार की स्पष्ट रणनीति को दर्शाता है।
रियल एस्टेट में भी मजबूत पहचान
सुमीत ग्रुप ने सुमीत इंफ्राकॉन के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। सुमीत बिजनेस पार्क और सिटी ऑफ ड्रीम्स जैसे प्रोजेक्ट्स ने यह साबित कर दिया कि अफोर्डेबल हाउसिंग भी आधुनिक और सम्मानजनक हो सकती है। कचना स्थित सिटी ऑफ ड्रीम्स में बसे लगभग 150 परिवार आज गर्व से कहते हैं कि सुमीत ग्रुप ने उनके सपनों को साकार किया है।
व्यापार के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का प्रतीक बना सुमीत ग्रुप
सुमीत ग्रुप केवल व्यापार का नाम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। आज ग्रुप प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग 10,000 परिवारों को रोजगार दे रहा है, जिनमें 4,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हैं।

ग्रुप के चेयरमैन अशोक कांकरिया का मानना है कि “टीम अच्छी होगी तो काम भी अच्छा होगा। विश्वास और ईमानदारी किसी भी व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी होती है।” उनका यह विचार ही सुमीत ग्रुप की आत्मा है और यही सोच ग्रुप को लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुंचा रही है।
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