पेण्ड्रा। कोरोना काल में टीकाकरण के लेकर शासन-प्रशासन पर काफी दबाव है. एक तरफ वैक्सीनेशन को लेकर फैली भ्रांतियों की वजह से लोग वैक्सीन लगाने से हिचकिचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन सब बाधाओं को पार कर महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों पर लक्ष्य हासिल करने का दबाव है. यही नहीं लक्ष्य हासिल नहीं कर पाने की स्थिति में वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है.

गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक विभाग के अधिकारी -कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है. ऐसी ही स्थिति महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें गौरेला विकासखंड की महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने विभाग के समस्त पर्यवेक्षकों का 1 दिन वेतन इसलिये काट दिया क्योंकि वे निर्धारित लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए. यही नहीं उन्हें चेतावनी दी गयी कि अगर भविष्य में ऐसा होता है, तो जिस दिन टीकाकरण लक्ष्य की पूर्ति नहीं होगी, लगातार आपके वेतन में कटौती की जाएगी.

भले ही शासन कोविड की स्थितियों को देखते हुए आम लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहा है, लेकिन टीकाकरण करवाना अभी भी आमलोगों की स्वेच्छा पर निर्भर करता है, ऐसे में वैक्सीनेशन के लिए निचले कर्मचारियों से सेल्समैन जैसा सलूक समझ के परे है.