Supreme Court Hearing On Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को सुनवाई हुई। दूसरे दिन ढाई घंटे की सुनवाई में कुत्तों के बिहेवियर को लेकर चर्चा की गई। बहस के दौरान जस्टिस नाथ ने कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने जवाब दिया कि, अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं।जज की यह बात सुनकर कोर्ट में मौजूद डॉग लवर्स सहमति में सिर हिलाने लगे। मामले में सुनवाई कल भी जारी रहेगी।
इस मामले पर पिछले 7 महीनों में छह बार सुनवाई हो चुकी है। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि इन जानवरों को तय शेल्टर में ट्रांसफर किया जाए।

आज जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच इस मामले में सुनवाई की। कोर्ट डॉग लवर्स और आदेशों के कड़े अनुपालन की मांग करने वालों की ओर से दायर पूर्व आदेशों में संशोधन की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
कोर्ट ने कहा, ‘कुत्ता हमेशा उन लोगों को पहचान जाता है, जो उससे डरते हैं। जब भी उसे किसी इंसान के लिए ऐसा महसूस होता है, तो वह उन पह हमला कर देता है। हम यह बात अपने निजी अनुभव से बता रहे हैं। इस दौरान डॉग लवर्स हां में सिर हिलाने लगे तो बेंच ने उनसे कहा- अपना सिर मत हिलाओ। उन्होंने कहा कि अगर कुत्तों को लगता है कि आप उनसे डर रहे हो तो बहुत ज्यादा संभावना है कि वो तुम पर हमला करेगा. तुम्हारा पालतू कुत्ता भी ऐसा कर सकता है।
याचिकाकर्ता के वकील बोले- देश में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर
उधर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राज्यों ने जो आंकड़े दिए हैं। उनमें से किसी ने यह नहीं बताया कि नगर पालिकाओं की तरफ से कितने शेल्टर चलाए जाते हैं। देश में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर हैं। इनमें से हर एक में 100 कुत्ते रह सकते हैं। हमे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है।
एनिमल वेलफेयर ने कुत्तों को हटाने या शेल्टर होम भेजने पर आपत्ति जताई
इससे पहले सुनवाई के दौरान एनिमल वेलफेयर की तरफ से दलील दे रहे एडवोकेट सीयू सिंह ने कुत्तों को हटाने या शेल्टर होम भेजने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुत्ते हटाने से चूहों की आबादी बढ़ेगी। इस पर कोर्ट ने मजाकिया अंदाज में कहा- तो क्या बिल्लियां ले आएं?
शुक्रवार को टाइम्स ऑफ इंडिया में छपे आर्टिकल पर चर्चा होगी
जस्टिस मेहता ने दूसरे दिन की सुनवाई खत्म होने के बाद कहा कि शुक्रवार को सभी वकील 29 दिसंबर को टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा आर्टिकल पढ़कर आएं। जिस पर बहस होगी। आर्टिकल का टाइटल “On the roof of the world, feral dogs hunt down Ladakh’s rare species” है। आर्टिकल के मुताबिक, लद्दाख में आवारा/जंगली कुत्तों की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन गई है। ये कुत्ते दुनिया के सबसे ऊंचे और संवेदनशील इकोसिस्टम में शिकार कर रहे हैं, जिसे ‘Roof of the World’ कहा जाता है। कुत्ते झुंड में शिकार करते हैं, जिससे वे बड़े और तेज जानवरों को भी गिरा देते हैं।
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