Surguja News Update : अम्बिकापुर। शहर के बहेरापारा मणीपुर में सोमवार की रात शराब के नशे में धुत्त पुत्र ने फटकार लगाए जाने पर अपने पिता पारस केरकेट्टा 50 वर्ष को न सिर्फ टांगी से काट डाला बल्कि घर के समीप एक टंकी में शव फेंकते हुए आराम से बिरयानी खाकर सो गया। दिल दहला देने वाले इस वारदात के दौरान अधेड़ ने जान बचाने गुहार लगाई, मगर पड़ोसी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सूचना पर मणीपुर पुलिस ने रात में ही आरोपी पुत्र प्रभात उर्फ लेदा 22 वर्ष को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। घटना के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बहेरापारा निवासी पिता-पुत्र पारस केरकेट्टा व प्रभात उर्फ लेदा के बीच शराब के नशे में अक्सर विवाद हुआ करता था। चूंकि पिता भी शराब पीते थे इसलिए मोहल्लेवासी उनके विवाद में कभी बीच-बचाव करने नहीं आए। घटना दिवस सोमवार की रात करीब 11 बजे पुत्र प्रभात उर्फ लेदा शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा, जिससे पिता ने उसे शराब सेवन व देर रात आने पर फटकार लगाई। पिता द्वारा डांटे जाने से क्षुब्ध होकर वह बगल के अपने कमरे में चला गया और थोड़ी देर बाद टांगी लेकर निकला और अपने पिता को खींचकर घर के बाहर निकालते हुए ताबड़तोड़ वार कर दिया। महज फटकार लगाए जाने पर धुत पुत्र हैवान बन गया और पिता के गले में भी कई बार वार कर मौत के घाट उतार दिया। घर के बाहर ही टेपनल के सामने छोटी टंकी बनी है। आरोपी ने पिता के शव को घसीट कर उसी टंकी में डाल दिया और कमरे में जाकर इतमिनान से बिरयानी खाया और सो गया।

रस्सी झूलता देख चौंकी पुलिस घटना की सूचना पर मणीपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी के नेतृत्व में पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा। आरोपी प्रभात उर्फ लेदा पिता को मौत के घाट उतारने के बाद अपने कमरे में घुस भीतर से दरवाजा बंद कर लिया था। पुलिस ने जब दरवाजा खटखटाया तब उसने न तो दरवाजा खोला और न ही कोई प्रतिक्रिया दी, जिससे पुलिस ने रोशनदान से झांककर देखा तो एक रस्सी झूलता हुआ दिखाई दिया, मगर रस्सी का ओर और छोर नजर नहीं आ रहा था। रस्सी देख पुलिस चौंक पड़ी और यह अनुमान लगाते हुए कि कहीं आरोपी ने भी तो फांसी नहीं लगा लिया है, सोंच कर दरवाजा तोड़ जैसे भीतर घुसी आरोपी आराम से पलंग पर लेटा हुआ मिला। उसके कमरे में ही बिरयानी का अवशेष पड़ा हुआ था। पुलिस ने जब उससे पूछा अपने पिता को क्यों मार डाला तो उसने कहा बाई मिस्टेक मार दिया।

मुर्गा दुकान में कटिंग का करता है काम

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह रिंगरोड स्थित एक मुर्गा दुकान में मुर्गा काटने का काम करता है। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यही वजह थी कि पुत्र का हाथ पिता की हत्या करते हुए नहीं कांपा और पिता को मौत के घाट उतारने के बाद भी उसके चेहरे में न तो कोई शिकन थी और न ही पछतावा।

मध्यप्रदेश से आई अंग्रेजी शराब की खेप को पुलिस ने किया जब्त

सूरजपुर। होली पर्व से ठीक पहले चांदनी-बिहारपुर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कारर्वाई करते हुए मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ लाई जा रही भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब को जप्त किया है। इस कारर्वाई ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के मकरोहट क्षेत्र से दो मोटरसाइकिलों के माध्यम से चार युवक दो बोरियों में शराब भरकर बिक्री के उद्देश्य से बिहरपुर की ओर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपी नवा टोला चेक पोस्ट को पार करते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए थे। पुलिस ने ग्राम बिहारपुर पुराना टोला मार्ग पर घेराबंदी कर चारों आरोपियों को 67 लीटर शराब के साथ पकड़ा है। तलाशी में उनके कब्जे से कुल 376 पाव गोवा एवं आईबी ब्लू अंग्रेजी शराब बरामद की गई। परिवहन में प्रयुक्त एक पल्सर और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल को भी जप्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कारर्वाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में रामलगन सिंह, लवकुश पांडे, संत कुमार सिंह एवं मिर्जा प्रसाद काशी शामिल हैं, जो ग्राम ठाडपाथर के निवासी बताए गए हैं। इस पूरी कारर्वाई में थाना प्रभारी राम प्रताप साहू के नेतृत्व में उप निरीक्षक छत्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

मध्यप्रदेश व यूपी में शराब की कीमतें कम होने और छत्तीसगढ़ में शराब की कीमत अधिक होने के कारण बिहारपुर मार्ग शराब तस्करी का सबसे सुरक्षित रास्ता बना हुआ है। सीमांत क्षेत्रों में लगे गांव और स्थानीय लोगों की मदद से इस मार्ग से भारी मात्रा में शराब सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा जिले में आपूर्ति होती है और पुलिस, प्रशासन व आबकारी विभाग के नाक के नीचे से शराब तस्करी का यह खेल और व्यापार आज भी बदस्तूर जारी है।

ससुर का क्रियाकर्म करने जा रहे दामाद की दुर्घटना में मौत

अंबिकापुर। सीतापुर के ग्राम जामटोली के समीप ससुर के अंतिम संस्कार में पत्नी व बच्चे के साथ जा रहे युवक की बाइक को तेज रफ्तार टाटाएस (छोटा हाथी) वाहन ने ठोकर मार दिया। दुर्घटना में गंभीर चोट आने पर तीनों को मेडिकल कालेज चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया जबकि पत्नी व बच्चे का उपचार चल रहा है। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि कोरबा शंकरनगर के रामपुर निवासी प्रमोद कुमार गोंड पिता स्व.उजीत गोंड 31 वर्ष का ससुराल बगीचा पण्डरापाठ दनगरी में है। ससुर की मौत की खबर पर दो मार्च को प्रमोद पत्नी बसंती व चार वर्ष के पुत्र को लेकर बाइक से ससुराल के लिए निकला था। रास्ते में सीतापुर के ग्राम जामटोली पहुंचे ही थे कि तेज व अनियंत्रित रफ्तार की छोटा हाथी वाहन क्रमांक सीजी 14 एमव्ही 2693 का चालक लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को जोरदार ठोकर मार दिया। दुर्घटना में तीनों बाइक से दूर फेंका गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें डायल 112 की मदद से सीतापुर चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कालेज चिकित्सालय रेफर कर दिया था। यहां चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद प्रमोद को मृत घोषित कर दिया जबिक बसंती व चार वर्ष के पुत्र का उपचार चल रहा है। जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति जानने व्यापक घरेलू सर्वेक्षण 15 मार्च से

जशपुर। जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह अंतर्गत पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जनजातियों के परिवारों का व्यापक घरेलू सर्वेक्षण किया जाएगा। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों के जीवन स्तर, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा मूलभूत आवश्यकताओं की वास्तविक जानकारी प्राप्त करना है, ताकि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। यह सर्वेक्षण कार्य 15 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। कलेक्टर रोहित व्यास ने निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध एवं निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए, जिससे डेटा संकलन, सत्यापन एवं रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित किया जा सकेगा।

घरेलू सर्वेक्षण कार्य मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक परिवार की जानकारी सीधे एप में दर्ज की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। एकत्रित जानकारी तत्काल ऑनलाइन अपलोड की जाएगी, जिससे वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। जशपुर जिले में कुल 106 पीवीजीटी ग्राम एवं 263 बसाहटें चिन्हित हैं। इनमें से 94 ग्राम पहाड़ी कोरवा तथा 12 ग्राम बिरहोर जनजाति के हैं। सर्वेक्षण कार्य की प्रभावी निगरानी एवं संचालन के लिए जिला स्तरीय समिति, विकासखंड स्तरीय समिति एवं ग्राम स्तरीय समिति होगी। सर्वेक्षण के दौरान परिवार के मुखिया की आवश्यक जानकारी के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा, कृषि एवं किसान सहायता, ऊर्जा एवं पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और सब्सिडी, दिव्यांगजन की स्थिति तथा परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण संकलित किए जाएंगे।