अंबिकापुर। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी में चिकित्सक और नर्स उपलब्ध नहीं होने पर एक स्वीपर के द्वारा महिला का असुरक्षित प्रसव कराया गया। गर्भ में ही शिशु के फंस जाने के चलते उसकी मौत हो गई। जन्म के पूर्व नवजात की मौत होने पर न सिर्फ मां बल्कि पूरा परिवार सदमें में आ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और स्टाफ नर्स नहीं थे जिसके चलते स्वीपर ने ही प्रसव कराने का प्रयास किया। परिजन मना करते रहे, मगर स्वीपर ने कहा कि वह अनुभवी है और यही गलती नवजात के मौत का कारण बनी। बताया जा रहा है कि पिछले साल ही शासन के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ केंद्र का उन्नयन कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था, मगर सेटअप में कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के बावजूद कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराया गया। यही कारण है कि इस अस्पताल में कई मरीजों को इलाज के अभाव बताया तकलीफें उठानी पड़ रही है।

ग्राम जमदरा निवासी गौरी यादव का विवाह सुपलगा में हुआ है। वह गर्भवती थी जिससे अपने मायके जमदरा आई हुई थी। 16 फरवरी की रात 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे कुन्नी अस्पताल ले गए। उस दौरान अस्पताल में न तो चिकित्सक थे और न ही स्टाफ नर्स। वहां केवल एक स्वीपर मौजूद था। स्वीपर खुद डॉक्टर बन गया और महिला को भर्ती कर लिया। 17 फरवरी को प्रातः सात बजे उसने प्रसव कराने का प्रयास किया, अनुभव नहीं होने के चलते स्वीपर सफल नहीं हो पाया और बच्चा गर्भ में ही फंस गया। कुछ देर बाद चिकित्सक पहुंचे और किसी प्रकार प्रसव कराया, मगर तब तक नवजात की सांसे थम चुकी थी। परिजनों ने कहा कि यदि अस्पताल में चिकित्सक मौजूद रहते तो संभवतः नवजात की मौत नहीं होती। इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि स्टाफ की कमी को लेकर शासन को अवगत कराया गया और सेटअप के अनुरूप कर्मचारियों की मांग की गई है। शासन स्तर पर पहल नहीं होने के चलते ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। कर्मचारी कम होने के चलते उपलब्ध कर्मचारियों के उपर काम का अत्यधिक बोझ होता है।
पिता ने अपने ही बेटी की कर दी हत्या
जशपुर। निर्माणाधीन घर के लिए ईंट व बालू की खरीदी के लिए रूपये को लेकर हुए विवाद के दौरान पिता ने कुल्हाड़ी से वार कर बेटो की हत्या कर दी। मामला जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के जामटोली गांव की है। प्रार्थी अनुषा लकड़ा 22 वर्ष ने पुलिस को बताया कि वे पांच भाई-बहन है। उसके एक भाई और एक बहन रोजगार के सिलसिले में दूसरे प्रदेश में रहते हैं। उसकी भी शादी हो गई है। प्रार्थिया के अनुसार उसकी बड़ी बहन मृतिका बिंदिया लकड़ा 23 वर्ष और उसके छोटा भाई और उसके पिता आरोपित लौरेंस लकड़ा उसके मायके जामटोली में रहते हैं। उसकी बड़ी बहन बिंदिया जो जामटोली में आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के रूप में पदस्थ है, अपने लिए एक घर का निर्माण करवा रही है।
बुधवार 18 फरवरी उसके पिता लौरेंस लकड़ा बिंदिया के घर गया और निर्माणाधीन मकान के लिए ईंट और गिट्टी मंगवाने की बात को लेकर बिंदिया से विवाद करने लगा। विवाद के दौरान घर में रखे हुए कुल्हाड़ी की उल्टे ओर से आरोपित ने बिंदिया के सिर पर वार कर दिया। सिर में आए गंभीर चोट की वजह से बिंदिया की मौके पर ही मौत हो गई।
बालिका से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष का कारावास
सूरजपुर। एक वर्ष पूर्व जयनगर थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बालिका के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए सूरजपुर स्थित विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक) ने आरोपित युवक को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपित पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपित पिछले एक साल से जेल में निरुद्ध है। प्रकरण के अनुसार घटना 14 जनवरी 2025 की शाम जयनगर थाना इलाके की पीड़ित किशोरी अपनी दो सहेलियों के साथ गांव में छेरता पर्व के दौरान लोकड़ी मांगने निकली थी। इसी दौरान जयनगर बरपारा निवासी धनेश्वर सिंह 22 वर्ष पीड़िता व उसकी एक सहेली को जबरन खेत की ओर ले जाने लगा। मौके का फायदा उठाकर पीड़िता की एक सहेली वहां से भाग निकली, जबकि आरोपित पीड़िता को मुंह दबाकर खेत की ओर ले गया। वहां उसने विरोध करने पर गला दबाकर हत्या करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। घर लौटने पर किशोरी ने पेट दर्द की शिकायत की। परिजनों के पूछने पर उसने पूरी घटना बताई। अगले दिन पीड़िता की मां ने जयनगर थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
हाईकोर्ट ने तत्कालीन रजिस्ट्रार को दी राहत
अंबिकापुर। संत गहिरा गुरू विश्विद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार विनोद कुमार एक्का को उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय में संलग्न कर दिए जाने के मामले में रजिस्ट्रार को राहत देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संलग्नीकरण आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू के द्वारा यह फैसला दिया गया। विनोद एक्का वर्तमान में उच्च शिक्षा कार्यालय बिलासपुर में संलग्न रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत है। उन्हें 31 दिसंबर 2016 को पदोन्नत किया गया था तथा प्रारंभिक रूप से संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा में पोस्टिंग दी गई थी। एक्का ने मार्च 2024 के संलग्न आदेश को चुनौती दी थी। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान उन्हें नया रायपुर के उच्च शिक्षा निदेशालय में स्थानातंरित कर दिया गया था। एक्का ने तर्क दिया था कि विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 और राज्य विश्वविद्यालय सेवा नियम 1983 का उल्लंघन है। क्यों रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय के अधिकारी होते है राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं।
एक करोड़ कीमत के 525 मोबाइल फोन बरामद
अंबिकापुर। अंबिकापुर। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम की संयुक्त अभियान चला कर अभियान के दौरान कुल 525 नग मोबाइल कुल कीमती मशरुका लगभग 1 करोड़ रुपये बरामद किया गया है। जिले के विभिन्न थाना और चौकियों में लगातार गुम मोबाइल फोन से संबंधित आवेदन प्राप्त हो रहे थे। इन आवेदनों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से साइबर सेल अंबिकापुर तथा समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिकों के गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों एवं नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में साइबर सेल और जिले की पुलिस टीम ने सर्विलांस तकनीक की मदद से पिछले पांच महीनों में 525 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए और संबंधित मोबाइल धारकों को सौंपे।
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