प्रयागराज. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार और प्रशासन के सामने नई शर्त रखी है. उन्होंने कहा है कि सरकार गौमांस के निर्यात को बंद करें और 40 दिन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करें. उन्होंने ये भी कहा कि माघ का मुद्दा अब पीछे छूट गया. हम 11 दिन वहां बैठे थे, मौका तो दिया था. अब क्षमा का समय समाप्त हुआ. अधिकारी क्षमा याचना नहीं, लोभ दे रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अब सरकार से हिंदू होने का भी प्रमाण मांग लिया है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि अब वे दिल्ली की जगह 10-11 मार्च को संत समाज के साथ लखनऊ जाएंगे. 11 मार्च को संतों के साथ वहीं निर्णय लेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि उनसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया था और 24 घंटे के अंदर बताने के लिए कहा गया था. जिस पर उन्होंने उसका जवाब दे दिया था.
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अविमुक्तेश्वरानंद ने अब सरकार से हिंदू होने का प्रमाण मांग लिया है. उन्होंने कहा कि आपने मुझसे प्रमाण मांगा मैंने दे दिया, अब आपको भी हिंदू होने का प्रमाण देना होगा. हिंदुत्व केवल भाषण से नहीं होगा. उन्होंने सवाल किया कि गौ सेवा के लिए आपने क्या किया है? यह हिंदुत्व का पहला पायदान है. हिंदू होने की पहली शर्त यह है गौ माता का रक्षक होना. उन्होंने साफ कहा कि 40 दिन का समय दे रहे हैं कि खुद को हिंदू एवं गौ भक्त हिंदू होने का प्रमाण दें.
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