दिल्ली में बीजेपी सरकार की स्थापना के बाद से आम आदमी पार्टी (AAP) में राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है. राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल(Swati Maliwal) ने एक बार फिर AAP प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) पर टिप्पणी की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि कुर्सी के लिए कभी दिल्ली का बेटा, कभी हरियाणा का लाल और अब पंजाब दा पुत्तर आप प्रमुख की पहचान हो गई है.

स्वाति मालीवाल के इस बयान को दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की संभावित राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि आपने इन अटकलों को खारिज कर दिया है, लेकिन आपके राष्ट्रीय संयोजक की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए इस चर्चा को पूरी तरह से दूर नहीं किया जा सकता.

दिल्ली की ‘सेहत’ पर CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासाः अरविंद केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक में खामियों की भरमार, टॉयलेट तक नहीं

क्या AAP प्रमुख पंजाब से जाएंगे राज्यसभा?

दरअसल, हाल ही में आप ने लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल राज्यसभा की खाली सीट से उच्च सदन में जा सकते हैं, लेकिन आप ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है.

यह चर्चा पंजाब के सियासी गलियारों में और तेज हो गई जब लुधियाना पश्चिम सीट के लिए दिवंगत विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी की पत्नी भी टिकट की दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए संजीव अरोड़ा को प्रत्याशी बनाया. अरोड़ा 2022 में राज्यसभा पहुंचे थे, अब विधानसभा चुनाव लड़ने से उनकी सीट खाली होने की संभावना है, जिससे अरविंद केजरीवाल को इस सीट से उच्च सदन में प्रवेश करने की उम्मीद है.

… तो 18 मौतों का जिम्मेदार कौन? नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के इन 2 मामलों की जांच बंद, अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल

राजनीतिक विश्लेषकों का मत है कि स्वाति मालीवाल का यह बयान सिर्फ एक कटाक्ष नहीं है, बल्कि पार्टी के अंदरूनी खींचतान और असंतोष की ओर भी संकेत करता है. एक ओर, आप एक राष्ट्रीय पार्टी बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई नेताओं की नाराजगी बार-बार दिखाई देती है.

CM आवास पर मारपीट के बाद से नाराज हैं मालीवाल

पिछले कुछ महीनों से दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं. उन्होंने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर मुख्यमंत्री के पीए विभव कुमार द्वारा किए गए हमले को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी. इसके बाद से, उन्होंने कई बार पार्टी नेतृत्व परोक्ष और प्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है.