समस्तीपुर। जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र में थर्ड डिग्री टार्चर के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने कड़ा कदम उठाते हुए थानाध्यक्ष और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भेरोखरा निवासी मनीष पोद्दार, उनकी पत्नी और पिता के साथ कथित पुलिसिया अत्याचार के मामले में की गई है।
माले ने बताया कार्रवाई को अधूरी
भाकपा (माले) ने एसपी की कार्रवाई का स्वागत तो किया है, लेकिन इसे आधा-अधूरा करार दिया है। पार्टी का कहना है कि केवल निलंबन से न्याय नहीं होगा, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर माले ने प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा और अनुमंडलाधिकारी दिलीप कुमार को स्मार पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि पुलिसिया अत्याचार और अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ 24 जनवरी को ताजपुर के राजधानी चौक पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी।
अन्य मांगें भी शामिल
ज्ञापन में अंचल कर्मचारी द्वारा घूस लेते वायरल वीडियो की जांच, भूमिहीनों को वास भूमि देने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा उपलब्ध कराने, पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने, गांव-टोले तक पहुंच पथ निर्माण तथा आवास योजनाओं में व्याप्त घूसखोरी रोकने की मांग शामिल है।
पुलिसिया टार्चर के गंभीर आरोप
माले नेता ने आरोप लगाया कि दुकान कर्मी मनीष पोद्दार के साथ थाने में अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने शौच मार्ग में पेट्रोल डालने और डंडा घुसाने जैसी बर्बरता का आरोप लगाया। मनीष की पत्नी को चार दिनों तक हाजत में रखा गया और पति-पत्नी व पिता के साथ मारपीट की गई।
न्याय आंदोलन में शामिल होने की अपील
भाकपा माले ने इस पूरे मामले को जघन्य पुलिसिया टार्चर बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों, जांच अधिकारी और थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी की मांग दोहराई है। साथ ही ताजपुरवासियों से 24 जनवरी को मानव श्रृंखला में शामिल होकर न्याय आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।
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