बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत के शेख हसीना को शरण देने के फैसले पर एतराज जताया है। हुमायूं कबीर ने कहा है कि भारत में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी पर चिंता का सबब है। उनको ढाका की अदालत अपराधी मान चुकी है। हुमांयू ने यह भी कहा है कि अब बांग्लादेश में हसीना जैसी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। बीएनपी की जीत और नई सरकार के पड़ोसी देशों से रिश्ते पर कबीर ने PTI से बात की है। इसी बातचीत में उन्होंने कहा, ‘शेख हसीना जैसी ‘टेररिस्ट’ और उनकी पार्टी को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी भारत की है। बांग्लादेश में उनके लिए कोई जगह नहीं है।’

तारिक रहमान के सलाहकार का कहना है कि बांग्लादेश की नई सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है। हालांकि उन्होंने इसमें शेख हसीना के मामले को एक बड़ी अड़चन की तरह पेश किया है।

हुमायूं कबीर ने शेख हसीना की विदेश नीति की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत से शेख हसीना सरकार के संबंध एकतरफा संबंध थे। उससे देश को नुकसान हुआ। हम किसी भी एक देश पर निर्भर होने वाली विदेश नीति से दूर रहना चाहते हैं। हम अपने सभी पड़ोसियों से संबंध सुधारेंगे, इसमें भारत भी है।

BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर कहा है कि यह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इससे पहले बीएनपी के एक सीनियर नेता ने कहा था उनकी पार्टी सरकार में आने पर हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करके उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग करेगी।

हुमांयू कबीर ने कहा कि भारत और बांग्लादेश पड़ोसी हैं। ऐसे में दोनों देशों में आपसी सहयोग होना चाहिए। इसमें शेख हसीना का भारत में होना अच्छा मैसेज नहीं देता है। कबीर ने यह भी कहा कि तारिक रहमान की पीएम नरेंद्र मोदी की बात हुई है, दोनों की बातचीत अच्छी रही और दोनों नेता सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

बताते चले कि बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 15 साल के शासन के बाद पांच अगस्त 2024 को सत्ता से हटना पड़ा था। उसके बाद से वह भारत में रह रही है।

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