फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन खरीदे गए मोबाइल में आई तकनीकी खराबी, फोरम ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी, सर्विस सेंटर एवं निर्माता कंपनी पर लगाया हर्जाना

दुर्ग। फ्लिपकार्ट ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के माध्यम से खरीदे गए मोबाइल में कुछ दिनों बाद ही खराबी आ गई. जिसके लिए बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पर भी मोबाइल की समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके लिए उपभोक्ता फोरम ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट, सर्विस सेंटर एवं निर्माता कंपनी मोटोरोला को व्यवसायिक कदाचरण एवं सेवा में निम्नता का जिम्मेदार मानते हुए 17699 रुपये का हर्जाना लगाया।

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परिवाद के मुताबिक विद्युत नगर दुर्ग निवासी निखिल देशमुख ने 03.01.2016 को फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्रायवेट लिमिटेड के माध्यम से मोटोरोला कंपनी का मोबाइल ऑनलाइन खरीदा था, मोबाइल पर 12 महीने की वारंटी दी गई थी, खरीदे जाने के कुछ दिनों बाद ही मोबाइल सेट में खराबी आ गई, मोबाइल अपने आप बंद हो जाता था, जिसके लिए परिवादी ने रायपुर स्थित कंपनी के सर्विस सेंटर में लगातार कई चक्कर लगाए परंतु परिवादी का मोबाइल सुधारकर प्रदान नहीं किया गया ना ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।

ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ड ने प्रकरण में उपस्थित होकर कहा कि उसका काम संबंधित प्रोडक्ट को विक्रेताओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्रदान करना है। सामान प्रदान करने के पश्चात उसकी सर्विस की जिम्मेदारी निर्माता एवं अधिकृत सर्विस सेंटर की है, फ्लिपकार्ट का काम प्रोडक्ट को बुक करके सही पते एवं समय पर डिलीवर करने का है। यदि प्रोडक्ट में कोई खराबी थी तो डिलीवरी के 10 दिवस के भीतर रिप्लेस करना चाहिए था। प्रकरण में निर्माता कंपनी और सर्विस सेंटर ने कोई जवाब पेश नहीं किया।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने प्रकरण में पेश दस्तावेजों के आधार पर यह पाया कि मोबाइल के सर्विस जॉब कार्ड के आधार पर परिवादी ने बार-बार अपना मोबाइल सर्विस सेंटर में बनने दिया था और इस दौरान मोबाइल वारंटी अवधि में था। परिवादी ने मोबाइल खरीदा और चार माह में ही उसका मोबाइल ऑटोऑफ होने लगा और उसकी समस्या लगातार बनी रही। नया मोबाइल खरीदे जाने के 4 महीने में ही बंद होने लगे और उसकी समस्या का समाधान ना किया जाए तो यह स्थिति उपभोक्ता के लिए पीड़ादायक है। जिला उपभोक्ता फोरम ने यह कहा कि कोई भी उपभोक्ता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में प्रोडक्ट देखकर उसकी विश्वसनीयता के आधार पर ही सामान क्रय करता है, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी यह नहीं कह सकती कि वह सिर्फ एक पोर्टल है और उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है, कोई भी संस्था जब सामान को विक्रय के बदले लाभ प्राप्त करती है तो वह क्रेता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से विमुख नहीं हो सकती।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट, सर्विस सेंटर एवं निर्माता कंपनी मोटोरोला पर 17699 रुपये हर्जाना लगाया, जिसके तहत मोबाइल की कीमत 11699 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति स्वरूप 5000 रुपये, तथा वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये हर्जाना लगाते हुए एक माह के भीतर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित परिवादी को अदा करने का आदेश दिया गया।

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