पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े धमाके के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर मचे घमासान के बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बगावती तेवर अपनाते हुए आरजेडी के ‘जयचंदों’ के खिलाफ खुले युद्ध का ऐलान कर दिया है। सोमवार को पटना में अपने संगठन जनशक्ति जनता दल (JJD) की बैठक के बाद तेज प्रताप ने घोषणा की कि वे जल्द ही बिहार के सभी 38 जिलों में पैदल मार्च करेंगे।
​तेज प्रताप का यह कदम न केवल पार्टी के भीतर की दरार को दर्शाता है, बल्कि लालू परिवार के आंतरिक कलह को भी सड़क पर ले आया है।

जयचंदों पर तीखा प्रहार और RJD की दुर्गति का दावा

​तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी (RJD) के नेताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजद आज जिस पतन की स्थिति में है, उसके पीछे वे जयचंद हैं जिन्होंने उनके पिता लालू प्रसाद यादव को बर्बाद कर दिया। तेज प्रताप ने सीधे तौर पर 5 नाम लेते हुए कहा:
​मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह ये वे पांच जयचंद हैं जिन्होंने मुझे बदनाम किया और मेरे पिता को भी अंधेरे में रखा। राजद अब 25 सीटों पर सिमट गई है और इन लोगों की वजह से जल्द ही शून्य पर पहुंच जाएगी।

विशेष रूप से MLC सुनील सिंह पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सुनील सिंह ने राजद को खोखला कर दिया है और उन्हें अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए, वरना उन्हें “सुधार” दिया जाएगा।

​JJD को बताया असली पार्टी

​तेज प्रताप ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि उनके पिता लालू यादव की असली पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ही है। उन्होंने तर्क दिया कि हाल ही में आयोजित ‘चूड़ा-दही भोज’ में लालू यादव ने स्वयं आकर उन्हें आशीर्वाद दिया, जो इस बात का प्रमाण है। तेज प्रताप ने घोषणा की कि आगामी MLC चुनाव में उनकी पार्टी (JJD) सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। 16 अप्रैल को संगठन का खुला अधिवेशन बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

​निजी आरोपों और साजिश पर सफाई

​हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई अनुष्का यादव और बच्ची वाली खबरों को तेज प्रताप ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
​अकाउंट हैकिंग का आरोप: जयचंदों ने मेरा सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर तस्वीरें वायरल कीं।
​डिप्रेशन का जिक्र: मुझे इस कदर प्रताड़ित किया गया कि फांसी लगाने तक की नौबत आ गई थी।
​टिकटों की बिक्री: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आरजेडी में पैसे लेकर टिकट बांटे गए, जिसे उन्होंने खुद करीब से देखा है।