कुंदन कुमार/पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अल्पसंख्यक अभिनंदन समारोह के दौरान राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर प्रहार किया। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम में तेजस्वी ने बिहार की वर्तमान स्थिति को बदहाली और बर्बादी का मंजर करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि आज बिहार में जनता के मुद्दों के बजाय सिर्फ कुर्सी का खेल चल रहा है।

​विकास के दावों की खुली पोल

​तेजस्वी यादव ने राज्य की बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, पहले 5 साल में एक बार सरकार बनती थी, अब एक ही कार्यकाल में दोबारा सरकार बन जाती है। यह जनादेश की नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से कैबिनेट की एक भी बैठक नहीं हुई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार पंगु हो चुकी है और कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा।

​अपराध और प्रशासनिक विफलता

​राज्य में बढ़ते अपराधों पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में सरेआम गला काटा जा रहा है और बच्चियों के साथ गैंगरेप जैसी वीभत्स घटनाएं हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलते हुए उन्होंने कहा कि अस्पतालों में न दवाई है और न स्ट्रेचर, लेकिन सरकार में बैठे लोगों को सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता है। साथ ही, उन्होंने TRE-4 जैसी परीक्षाओं के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़ा किया।

​नीतीश कुमार की मजबूरी और भाजपा की रणनीति

​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने दावा किया कि वे अपनी मर्जी से नहीं बल्कि सीबीआई और ईडी के डर से समझौते की सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा, भाजपा ने जदयू के बड़े नेताओं को लालच देकर और नीतीश जी को फंसाकर गठबंधन किया है। अब भाजपा जदयू को निगल जाए या जो भी हो, यह उनका मामला है, लेकिन हकीकत यह है कि इस सरकार के पास जनता का बहुमत नहीं है।