कुंदन कुमार, पटना। बिहार में विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। सत्र के तीसरे दिन आज गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि, राज्यपाल की अभिभाषण में सारी चीजें पुरानी है, जो सरकार के तरफ से दी गई है, उसी को उन्होंने पढ़ा है। तेजस्वी ने इसे झूठी वाहवाही और लापरवाही बताया और कहा कि, बिहार की जनता सब कुछ समझ रही है।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि, हम लोग निडर होकर जनता की आवाज सदन में उठाने का काम करेंगे। राज्यपाल का अभिभाषण हम लोगों ने सुना कानून का राज है। न्याय के साथ विकास हो रहा है। कानून के राज पर तो हम जाएंगे।

इस दौरान तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि, महागठबंधन की सरकार दो बार आई। शिक्षक की बहाली की बात कहीं आती है, जब बहाली हुई तो किसकी सरकार थी। महागठबंधन की सरकार….10 लाख नौकरी देने का वादा किसका था? महागठबंधन की सरकार का था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, चाहे मानदेय बढ़ाने का काम हो सब कुछ हम लोगों की सरकार में ही हुआ।

राजद नेता ने आगे कहा कि, जब हम लोग 10 लाख नौकरी की बात करते थे, तो मुख्यमंत्री ने कहा था कि कहां से पैसा लाओगे? बाप के यहां से लाओगे। सात-निश्चय की योजना हम लोग की सरकार के समय से शुरू हुआ। तेजस्वी यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि- वे इसे जंगल राज नहीं मानते हैं। जंगलराज को मानने वाले जानवर भी नाराज हो जाएंगे।तेजस्वी ने कहा कि, थाना बेहोश है। सत्ता पक्ष मदहोश है। वहीं, सरकार की बुलडोजर नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, सरकार ने जिन गरीबों का वोट लिया, उन गरीबों का घर सरकार उजाड़ रही है।

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