पटना। यूरोप में छुट्टी बिताकर लौटे राजद नेता तेजस्वी यादव अब सक्रिय राजनीति में जुटने वाले हैं। वह पटना में प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। हाल के जिला और प्रमंडल स्तरीय बैठकों में यह बात सामने आई कि विधानसभा चुनाव के दौरान जिला-प्रखंड कमेटियां पूरी तरह सक्रिय नहीं रहीं और संगठन की जगह बाहरी एजेंसियों पर भरोसा करना पार्टी की हार की बड़ी वजह बनी।

315 नए पदाधिकारी

तेजस्वी यादव अगले एक महीने में संगठन का ढांचा दुरुस्त करने पर जोर देंगे। इसके तहत 50 नए जिलाध्यक्ष और करीब 265 प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, 14 जनवरी को राबड़ी आवास में होने वाले ‘चूड़ा-दही भोज’ पर भी निर्णय लिया जाएगा। लालू प्रसाद के पटना लौटने और मीसा भारती के आगमन की संभावना जताई जा रही है।

बदले जा सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल

सूत्रों के अनुसार तेजस्वी संगठन में बड़े बदलाव के मूड में हैं और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को बदला जा सकता है। उम्मीद के बावजूद OBC वोट बैंक में अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा। साथ ही, उनके कार्यकाल में अनुशासनहीनता और बागावत के मामलों में वृद्धि देखी गई।

भीतरघातियों पर कार्रवाई की तैयारी

राजद ने विभिन्न स्तरों पर 400 से अधिक भीतरघातियों की पहचान की है। जिला अध्यक्षों, प्रभारियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है। तेजस्वी पार्टी से खिलाफ काम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दे चुके हैं।

मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी की बिहार यात्रा

मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी राज्यव्यापी यात्रा पर निकलेंगे और जनता के बीच जाकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उनका अगला बड़ा लक्ष्य इस साल होने वाले पंचायत चुनाव हैं, जिनके ज़रिए RJD निचले स्तर पर पकड़ मजबूत करना चाहती है।