कुंदन कुमार/पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हम वक्फ बिल के विरोध में सुप्रीम कोर्ट गए हैं. इस बिल के विरोध में हम सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे और जब हमारी सरकार बनेगी, तो इस पूरे बिल को कूड़ेदान में फेंका जाएगा. आरएसएस के लोग दलित, अति पिछड़ा और आदिवासी ये लोग मुख्य धारा में ना आए, इसलिए इस तरीके की साजिश की जा रही है. 

‘ब्लॉक के अधिकारी परोस रहे खाना’ 

65 परसेंट आरक्षण 9वें अनुसूची में नहीं डाले. यह लोग कभी पिछड़ो का भलाई नहीं चाहते हैं, मुसलमान की भलाई नहीं चाहते है. बिहार में 2 उपमुख्यमंत्री हैं, जिसमें से एक उपमुख्यमंत्री को ब्लॉक के अधिकारी खाना परोस रहे थे, चिकन मटन परोस रहे थे. वही होली में जिस तरीके से तेज प्रताप यादव के आवास पर एक पुलिस कर्मचारियों से होली खेलने की गुजारिश की गई, उसको मुद्दा बनाया गया. अब यह लोग अफसर से खाना खिलवा रहे हैं, अब इस बारे में बिहार की जनता को सोचना होगा. वहीं, दूसरे उपमुख्यमंत्री कहते हैं कि थानेदार को सस्पेंड करना चाहिए, वह किसकी बात कर रहे हैं, समझ नहीं आ रहा है. 

‘डर के कर रहे हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनाव तक जैसे तैसे साथ में रखेंगे. पूरे बिहार के लोग जानते हैं कि भाजपा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ क्या करेगी. जेडीयू अल्पसंख्यक और अति पिछड़ा विरोधी प्रकोष्ठ बन के रह गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचेत अवस्था में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक शब्द भी इस बिल को लेकर नहीं बोला है. जेडीयू के कुछ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. ललन सिंह और विजय चौधरी ने कहा है कि पद पर बने रहना है, तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करो, तुम पर कार्रवाई होगी. इसीलिए यह लोग डर के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं.

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