कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में शासन-प्रशासन पूरी तरह पंगु हो चुका है और कानून का राज महज कागजों तक सीमित रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में संगठित अपराध चरम पर है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

​तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर में हुई एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने मुजफ्फरपुर जा रहे हैं, जहां पुलिस ने कथित तौर पर एक निर्दोष व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। तेजस्वी ने इसे वर्दी की आड़ में हत्या करार देते हुए मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर कड़ी सजा दी जाए।

​केंद्र की विदेश नीति पर प्रहार

​राज्य के साथ-साथ तेजस्वी ने केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति अब राष्ट्रहित के बजाय प्रधानमंत्री की निजी नीति बनकर रह गई है। तेजस्वी के अनुसार, इस विफलता का परिणाम यह है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष या तनाव के समय भारत के किसी भी पड़ोसी देश ने खुलकर साथ नहीं दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत कूटनीतिक फैसलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीकरण बिगड़ रहे हैं।

​ईंधन की कीमतों में उछाल का अंदेशा

​आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले बोझ का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण आने वाले दिनों में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी होने वाली है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनहित के बजाय इवेंट मैनेजमेंट बन गई है, जिसका खामियाजा देश की अर्थव्यवस्था और जनता को भुगतना पड़ रहा है।