कुंदन कुमार/ पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैला दी है। तेजस्वी यादव का दावा है कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से राज्यसभा नहीं जा रहे हैं, बल्कि उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत वहां भेजा जा रहा है।
जदयू के अंदर विभीषण की भूमिका
तेजस्वी ने सीधे तौर पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के ही कुछ शीर्ष नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर तीन-चार ऐसे नेता सक्रिय हैं, जिनका झुकाव पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर है। तेजस्वी के अनुसार, ये वही नेता हैं जो पर्दे के पीछे से खेल रहे हैं और चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर हो जाएं ताकि जदयू के अस्तित्व को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री की इच्छा के विरुद्ध निर्णय
तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री का अपना मन राज्यसभा जाने का बिल्कुल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला नीतीश कुमार का निजी निर्णय नहीं है, बल्कि उन पर थोपा जा रहा है। तेजस्वी ने इसे एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि जो नेता भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, वे जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं जिससे जदयू का वजूद ही खत्म हो जाए।
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। क्या वाकई जदयू के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है, या यह विपक्ष की ओर से सत्ताधारी गठबंधन में दरार डालने की एक कोशिश है?
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

