महाराष्ट्र में AIMIM की पार्षद सहर शेख के ‘मुंब्रा को हरा करने’ वाले बयान पर पार्टी की ओर से उन्हें समर्थन मिल रहा है. वारिस पठान ने बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनका बयान पूरी तरह से राजनीतिक और संवैधानिक दायरे में था. उन्होंने बताया कि AIMIM के झंडे का रंग हरा है और हर राजनीतिक दल की तरह उनकी भी इच्छा है कि उनकी पार्टी देशभर में अपनी पैठ बनाए और उसका परचम लहराए. यह संविधान के तहत मिले चुनाव लड़ने के अधिकार से जुड़ा है. मुंब्रा में हाल ही में मिली जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह स्वाभाविक है. वारिस ने कहा, “अगर किसी पार्टी का झंडा हरा है तो वह चाहता है कि उसका झंडा ज्यादा से ज्यादा जगहों पर दिखे.
बताते चले कि हाल में ही मुंब्रा से AIMIM की पार्षद सहर शेख बनीं. जीत के बाद उनका भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने अपने भाषण में पूरे मुंब्रा को हरे रंग में करने की बात की. जिसके बाद इसे लेकर प्रदेश से लेकर देश के स्तर तक इस पर बहस शुरू हो गई. अब सहर शेख के बयान का वारिस पठान भी समर्थन करते नजर आए.
इसमें कुछ भी गलत नहीं है. पूरे महाराष्ट्र को हरा करेंगे. मुंब्रा भी करेंगे और साथ ही साथ हम चाहेंगे कि पूरे देश का रंग हरा हो.” इस बयान के बाद AIMIM के एक अन्य नेता इम्तियाज़ जलील के ‘पूरे महाराष्ट्र को हरा करने’ वाली टिप्पणी पर मंत्री नितीश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कहा कि औरंगज़ेब और टीपू सुल्तान ने भी ऐसे सपने देखे थे, लेकिन महाराष्ट्र भगवा ही रहेगा.
वारिस पठान के बयान पर मुंबई में शिवसेना नेता शाइना एनसी ने AIMIM नेताओं के ‘महाराष्ट्र को हरा करने’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने यहां हिंदवी स्वराज की स्थापना की थी और औरंगज़ेब, अकबर, बाबर जैसे शासक भी इस भूमि को “हरा” नहीं कर सके. शाइना एनसी ने AIMIM पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका फैसला जनता करेगी और वही “पतंग काटेगी”.
शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने हरे रंग विवाद पर कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि भारत के तिरंगे में हरा और भगवा दोनों रंग शामिल हैं, लेकिन महाराष्ट्र को हरा करने की सोच का शिवसेना हमेशा विरोध करती रही है. आनंद दुबे ने AIMIM पर संकीर्ण मानसिकता का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी ऐसे दलों को बढ़ावा देती है ताकि वे ज़हर फैलाएं.
मंत्री नितीश राणे के टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वारिस पठान ने कहा कि राजनीति में ‘मार डालेंगे, गाड़ देंगे, दफन कर देंगे’ जैसी भाषा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने साफ किया कि AIMIM धमकी और हिंसा की भाषा का समर्थन नहीं करती. “भगवा हमारा, हरा तुम्हारा” वाली सोच देश को बांटने वाली है और यह बिल्कुल गलत मानसिकता है.
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