पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके से लापता हुए 28 वर्षीय यूट्यूबर आकाश का शव सोमवार को आनंद विहार इलाके के जंगल में झाड़ियों के बीच मिला। शव मिलने की सूचना पर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेजा। पुलिस ने शव की स्थिति और घटनास्थल को देखते हुए हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आकाश के अंतिम संपर्क और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। आसपास के CCTV फुटेज और संभावित गवाहों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि हत्या के कारण और आरोपियों की पहचान की जा सके।

आकाश 7 मार्च 2026 से अपने घर मंडावली से लापता थे।  परिजनों ने उसी दिन मंडावली थाने में आकाश की गुमशुदगी दर्ज कराई। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने प्रारंभिक दौर में गंभीरता से कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके लापता होने और बाद में हत्या के मामले की पहचान में समय लग गया।

आनंद विहार इलाके में दिखी था मोबाइल की लास्ट लोकेशन

परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने आकाश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन आनंद विहार क्षेत्र में बताई थी। इसके बाद परिवार के लोग खुद वहां पहुंचे और काफी देर तलाशने के बाद उन्हें झाड़ियों में आकाश का शव पड़ा मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही आनंद विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मंडावली थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव की स्थिति और घटनास्थल को देखते हुए हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर 4 लाख से ज्यादा फॉलोअर

पुलिस ने आकाश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन आनंद विहार क्षेत्र में बताई थी। परिजनों ने खुद जंगल में तलाश की और झाड़ियों में आकाश का शव देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर आनंद विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मंडावली थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव की स्थिति और घटनास्थल को देखते हुए हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आकाश मंडावली इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और उनका कपड़ों का शोरूम भी था। सोशल मीडिया पर उनके चार लाख से ज्यादा फॉलोअर बताए जा रहे हैं। परिवार में उनकी माता-पिता, पत्नी और दो साल की बेटी शामिल हैं।

पुलिसकर्मी पर CDR के लिए 10 हजार रुपये मांगने का आरोप

 आकाश के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जांच कर रहे एक पुलिसकर्मी ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाने के नाम पर 10 हजार रुपये भी लिए। परिवार ने पुलिस से शिकायत की है कि शुरुआती कार्रवाई में उचित गंभीरता नहीं दिखाई गई। जांच में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रख रही है ताकि हत्या के कारण और आरोपियों की पहचान की जा सके।

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