अजयारविंद नामदेव, शहडोल। शहडोल जिले में खनन माफियाओं का काला कारोबार लगातार पैर पसारता जा रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों पर भी हमले होने लगे हैं। जिले में कई बार वन विभाग और अन्य अमले को माफियाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा है, जहां जानलेवा हमलों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद अवैध उत्खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा,इसी बीच खनिज विभाग ने सख्ती दिखाते हुए एक अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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खनिज विभाग को लगातार कोयले के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर  खनिज निरीक्षक समयलाल गुप्ता ने  खनिज अमले के साथ  सोहागपुर तहसील के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण दौरान ग्राम नवलपुर स्थित रपटा घाट क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया, तलाशी लेने पर सामने आया कि वाहन में धान की पराली के नीचे बड़ी मात्रा में कोयला छुपाकर ले जाया जा रहा था, यह ट्रैक्टर आयशर कंपनी का था, जिस पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। जांच में वाहन का चेचिस नंबर 924314170051 पाया गया, खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कोयले को जब्त कर थाना सोहागपुर में सुरक्षित खड़ा करा दिया, साथ ही वाहन चालक और मालिक के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है। बावजूद इसके, माफियाओं के बढ़ते हौसले प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

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