अमृतसर. अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालते ही नई विदेशी नीति के तहत 205 भारतीयों को डिपोर्ट करने का फैसला लिया गया। आज 104 भारतीयों को, जो गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए थे, वापस भारत भेजा गया। इन्हें अमेरिकी सैन्य विमान C-17 के जरिए अमृतसर हवाई अड्डे पर उतारा गया।
इनमें जलंधर के चार यात्री भी शामिल थे, जिनमें एक पलवीर सिंह भी था, जो जलंधर छावनी का निवासी है। मीडिया रिपोर्ट में डिपोर्ट हुए भारतीयों के परिवारों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फिलहाल मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया। अमेरिका से हिरासत में लिए गए इन 104 लोगों में 30 पंजाबी प्रवासी शामिल हैं।
गैर-कानूनी अप्रवासियों पर सख्त कार्रवाई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गैर-कानूनी अप्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए साफ कर दिया कि अमेरिका में अब किसी भी अवैध व्यक्ति को शरण नहीं मिलेगी। इस नीति के तहत, 30 पंजाबी नागरिकों समेत 104 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। अमेरिकी विमान C-17 दोपहर 1:30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा, जिसमें होशियारपुर के दो लोग भी शामिल थे।

42 लाख रुपये का कर्ज़ लेकर भेजा था अमेरिका
होशियारपुर जिले के टांडा उर्मुड़ ब्लॉक के टाली गांव के निवासी हरविंदर सिंह को भी अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। उनकी पत्नी ने बताया कि उनके तीन छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने 42 लाख रुपये का कर्ज़ लेकर हरविंदर को विदेश भेजा था, ताकि वह वहां काम कर सके और घर की आर्थिक स्थिति सुधार सके।
परिवार ने दुखी मन से बताया कि जैसे ही उन्हें हरविंदर के डिपोर्ट होने की खबर मिली, पूरे गांव में इस पर चर्चा होने लगी। अब परिवार इस चिंता में है कि इतना बड़ा कर्ज़ कैसे चुकाया जाएगा। इस पूरी घटना से परिवार बेहद परेशान है।
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