अमेरिका और इजरायल ने जबसे ईरान पर अटैक किया है. पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है. एनर्जी सप्‍लाई चेन के लिए महत्‍वपूर्ण होर्मुज स्‍ट्रेट के बाधित होने से नए तरह का संकट पैदा हो गया है. अभी इस समस्‍या का समाधान निकला भी नहीं था कि भारत से तकरीबन 1800 किलोमीटर की दूरी पर एक नया संकट पैदा हो गया है. अमेरिका और इजरायल ने पश्चिम एशिया के उस हिस्‍से पर हमला किया है, जो दुनिया को रफ्तार देता है. ईरान के एनर्जी प्‍लांट पर अटैक किया गया. इसके जवाब में तेहरान ने भी कतर और साऊदी जैसे देशों को निशाना बनाया.

दूसरी तरफ, होर्मुज स्‍ट्रेट में मचे बवाल ने पूरे मामले को और सीरियस बना दिया है. एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज से जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. इस पूरे घटनाक्रम से भारत भी अछूता नहीं है.

अब ईरान जंग की धधक हिन्‍द महासागर तक पहुंच गई है. ईरान ने इंडियन ओशन में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के ज्‍वाइंट मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल अटैक किया है. ईरान के इस कदम से युद्ध की आग और भड़कने की आशंका है और यदि हिन्‍द महासागर क्षेत्र भी इसकी चपेट में आता है तो इससे निपटना भारत के लिए एक और चुनौती होगी.

दरअसल, ईरान ने जिस डिएगो गार्सिया की तरफ मिसाइलें दागी हैं, वह भारत से तकीबन 1800 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है. भारत के लिए हिन्‍द महासागर बड़ा ट्रांजिट कॉरिडोर भी है, ऐसे में यदि टकराव की नौबत आती है तो नई दिल्‍ली के लिए यह कतई शुभ समाचार नहीं होगा. हिन्‍द महासागर भारत के लिए वॉटर गेटवे है, ऐसे में भारत यह बिल्‍कुल नहीं चाहेगा कि उसकी दहलीज पर किसी तरह का टकराव हो.

हिन्‍द महासागर भारत के लिए लाइफलाइन की तरह है, जहां से देश का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार (वॉल्यूम के आधार पर) और लगभग 70 प्रतिशत व्यापार (मूल्य के आधार पर) संचालित होता है. यही नहीं भारत के करीब 80 प्रतिशत तेल आयात भी इसी मार्ग से होते हैं. इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी के तहत मत्स्य पालन, ऑयल एक्‍सप्‍लोरेशन और गहरे समुद्री खनन जैसी गतिविधियां भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं.

चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति का मुकाबला करने के लिए भारत ने अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाई है और सेशेल्स, मॉरीशस व मालदीव जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत की है. एक्ट ईस्ट और नेबरहुड फर्स्ट नीतियां भी समुद्री संपर्क पर आधारित हैं, जबकि 23 सदस्य देशों वाला इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) क्षेत्रीय सहयोग में अहम भूमिका निभा रहा है. भारत ने 10 देशों के साथ सैन्य लॉजिस्टिक्स समझौते कर अपनी रणनीतिक पहुंच बढ़ाई है. हिन्‍द महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है, जहां वह बढ़ते चीनी प्रभाव का संतुलन बनाने के साथ क्षेत्रीय सहयोग को भी बढ़ावा दे रहा है.

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