शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का जिन्न फिर बाहर आया है। व्यापमं घोटाले की जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में कोर्ट ने सीबीआई और मध्यप्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।
पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 320 पन्नों की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है इस पर रिपोर्ट तलब की है। मामला पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका से जुड़ा है। कोर्ट ने जांच और चार्जशीट का पूरा ब्यौरा एफिडेविट में मांगा है। अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को तय की गई है। विवेक तन्खा ने याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा है। पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि-भ्रष्टाचार मामलों में शिकायतकर्ता की भूमिका अहम है। 11 साल पुरानी व्यापमं जांच अब फिर तेज होने के संकेत है।
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12 लोगों को हुई है सजा
बता दें कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले में 12 लोगों को सजा सुनाई गई है। दूसरों की जगह मेडिकल परीक्षा देने पहुंचे इन मुन्नाभाइयों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने सभी दोषियों को सश्रम कारावास के साथ 1-1 हजार का अर्थदंड भी सुनाया है। सजा पाने वाले ज्यादातर उच्च शिक्षित और मेडिकल पृष्ठभूमि से हैं।
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