कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार गुरु साहिबानों के सिद्धांतों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुरु परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सोमवार को कुरुक्षेत्र के केडीबी मेला ग्राउंड में आयोजित बैसाखी महोत्सव 2026 के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

बैसाखी महोत्सव का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला व पुरुष दंगल प्रतियोगिता और अंतरराष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता की भी शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने हरियाणवी संस्कृति पर आधारित हरियाणा विरासत पवेलियन का निरीक्षण किया। समारोह में सिख संगत की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज को कृपाण, सरोपा तथा खंडा साहिब का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
सिख समाज के हित में सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा सिख समाज के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी. 1984 दंगों के पीड़ितों को न्याय: सरकार ने 1984 के दंगों में अपनों को खोने वाले प्रदेश के 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी है।
उमरी में 5 एकड़ भूमि पर बनने वाले सिख संग्रहालय के लिए 124 करोड़ रुपये के कार्यों का टेंडर जारी हो चुका है। यह प्रदेश का पहला ऐसा संग्रहालय होगा जो गुरुओं के योगदान को प्रदर्शित करेगा। सिरसा में प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव की याद में स्थापित गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की 9 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री बिना किसी कीमत के गुरुद्वारा साहिब के नाम की गई है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आगामी 5 मई को कुरुक्षेत्र से श्रद्धालुओं की संगत को श्री नांदेड़ साहिब के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से रवाना किया जाएगा। यमुनानगर में मेडिकल कॉलेज और अंबाला के पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है।
सांस्कृतिक विरासत और एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैसाखी का पर्व नई फसलों और उम्मीदों का त्योहार है। उन्होंने 1699 में आनंदपुर साहिब की धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ ने समाज को साहस, समानता और राष्ट्रभक्ति की नई दिशा दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इसमें गुरुओं की शिक्षाएं हमारा मार्गदर्शन करेंगी।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संकल्प नए आदर्शों और प्रेरणा के माध्यम बन रहे हैं। कुरुक्षेत्र की यह धरा विश्व शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनी रहेगी।

