अंधेरे जीवन में फिर से लौट आयी रोशनी, अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने एक दिन में एक साथ चार मरीजों का किया कॉर्निया ट्रांसप्लांट

रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर में तीन घंटे के भीतर रेटिना सर्जन डॉ. संतोष सिंह पटेल एवं उनकी टीम ने एक साथ चार मरीजों का कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया. जिससे मरीजों की आंखों की खोयी रोशनी वापस आ गई। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एल. गर्ग के मार्गदर्शन में हुये इस ट्रांसप्लांट से वे मरीज जो किसी कारणवश अपनी आंखों की रोशनी खो चुके थे, दुबारा दुनिया देख रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ व रेटिना सर्जन डॉ. संतोष सिंह पटेल बताते हैं कि ऐसा पहली बार है कि जब एक साथ चार मरीजों का कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया गया है। मरीजों को ट्रांसप्लांट के बाद देखरेख में रखा गया था। ऑपरेशन के बाद हुये जांच में आंखें पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है तथा वे निरंतर फॉलोअप के लिये अस्पताल आ रहे हैं।

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बच्चे ने दुर्घटना में गंवायी आंख

9 वर्षीय बालक के बायीं आंख में एक दुर्घटना के कारण संक्रमण एवं कार्नियल परफोरेशन भी हो गया था। इस समस्या को कॉर्निया ट्रांसप्लांट या कॉर्निया ग्रॉफ्टिंग के जरिये ठीक किया गया।

कॉर्नियल अल्सर से भर गया मवाद

50 वर्षीय महिला मरीज की दायीं आंख में धान की बाली लगने के कारण कॉर्नियल अल्सर हो गया था जिसमें मवाद भर गया था एवं परफोरेशन हो गया था। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख को पूरी तरह से बचा लिया गया है।

दोनों आंखें हो गईं थी खराब

66 वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज की दोनों आंखों में समस्या हो गई थी जिसके कारण दोनों ही आंखें से दिखना बंद हो गया था। कॉर्निया ट्रांसप्लांट के जरिये फिर से दिखना शुरू हो गया।

दिखना हो गया था बंद

73 वर्षीय महिला मरीज की दोनों आंखों में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद से ही कार्नियल डिकम्पनसेशन के कारण दिखना बंद हो गया था। एक आंख के ट्रांसप्लांटेशन के बाद अब मरीज स्वयं से घर में सारे काम कर रही है और टीवी भी आसानी से देख पा रही है।

नेत्रदान से मिले कार्निया से की गई ग्रॉफ्टिंग

चारों मरीजों की कॉर्नियल ग्रॉफ्टिंग नेत्रदान से मिले कॉर्निया से की गई। अस्पताल के आई बैंक से कॉर्निया लेकर सफलतापूर्वक कॉर्नियल ट्रांसप्लांट किया गया। डॉ. संतोष सिंह पटेल के अनुसार ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों को दिखना शुरू हुआ या नहीं इस बात की पुष्टि के लिये दुबारा उनकी आंखों की जांच की गई जिसमें आंखों की रोशनी ठीक पायी गई।

उपलब्ध सुविधायें

नेत्र रोग विभाग में कॉर्नियल आई ट्रांसप्लांटेशन, मोतियाबिंद सर्जरी, रेटिना सर्जरी, आरओपी स्क्रीनिंग एवं लेजर ट्रीटमेंट, ग्लूकोमा सर्जरी और मैनेजमेंट, पीडियाट्रिक कैटेरेक्ट और ग्लूकोमा सर्जरी, स्क्विंट सर्जरी, ट्रामा मैनेमेंट और सर्जरी, डायबिटीक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग और लेजर ट्रीटमेंट व सर्जरी, रेटिनल डिटैचमैंट सर्जरी, आई बैंक की सुविधा तथा आंख से सम्बन्धित सभी समस्याओं के उपचार व प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध है।

विशेषज्ञों की टीम

डॉ. संतोष सिंह पटेल (मुख्य सर्जन) के साथ डॉ. राजेश, डॉ. अंजू, डॉ. कमली, डॉ. प्रतीक, डॉ. वंदना, डॉ. विनीत, नर्सिंग स्टॉफ – नीलिमा, स्मृति, उर्मिला, वेंकट।

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