Ramadan 2026 : चांद दिखने के बाद बुधवार की शाम भारत में मुसलमान ने रमजान मुबारक का ऐलान कर दिया. रोजेदारों ने बहुत में शहरी कर आज पहला रोजा रखा. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान नौवा माह होता है. जिसे मुस्लिम समाज में बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है. रमजान का महीना आत्म शुद्धि, त्याग और भाईचारे के संदेश को लेकर आता है.

इस महीने की खातिर यह है कि इसी दौरान पवित्र कुरान शरीफ का अवतरण शुरू हुआ था. रमजान केवल भूख, प्यास रहने का नाम नहीं बल्कि यह आत्म चिंतन, संयम, इबादत और इंसानियत को मजबूत करने का अवसर भी है. इस दौरान मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं. किसी तरह कभी कोई गुनाह हो गया है तो उसकी माफी मांगते हैं.

इस महीने में जकात और सदका देना भी बहुत अहम माना जाता है. अपनी आमदनी का एक हिस्सा गरीबों और जरूर को देना. बराबरी और भाईचारे की भावनाओं को बढ़ाता है. रमजान के आखिरी 10 रात खास मानी जाती है. जिससे शब ए कद्र की रात कहते हैं.

सहरी, इफ्तारी का टाइम

रमजान के पूरे महीने में सहरी और इफ्तारी का भी एक निश्चित समय होता है. जिसका पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है. 19 फरवरी को इफ्तारी का समय शाम 6.15 मिनट और 20 फरवरी को सहरी का समय 5.35 मिनट पर होगा.