VIDEO : स्पोर्ट्स टीचर की लापरवाही ने बनाया ऐसा माहौल कि मामले ने ले लिया जातीय और राजनीतिक स्वरुप, पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध

लोरमी( मुुंगेली)- मुंगेली जिले के लोरमी के डीएवी स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर के साथ मारपीट की घटना ने अब जातीय और राजनीतिक रंग ले लिया है. स्थानीय पुलिस ने भी भारी राजनीतिक दबाव के चलते एकपक्षीय कार्रवाई कर मामले में ऐसी धाराएं लगा दी, जो कि आरोपी पक्ष को सरासर गलत लग रहा है.

इस मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष राकेश छाबड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 294,506,323 और 452 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था,लेकिन बाद में इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने एकजुट होकर पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया,जिसके दबाव में आकर पुलिस ने दो और धाराएं 186 और 353 लगा दिया. राकेश छाबड़ा की पत्नी डेसी छाबड़ा ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि इस पूरे मामले को अनावश्यक जातीय और राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. डेसी छाबड़ा ने इस पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी और कहा कि ये मामला स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर की लापरवाही के खिलाफ एक अभिभावक का स्वाभाविक आक्रोश था,जिसे राजनीतिक और जातीय स्वरुप देकर छोटे से मामले को तूल दिया जा रहा है.

डेसी ने कहा कि उनका बेटा सिद्धार्थ खेल के दौरान बुरी तरह से घायल हुआ और उस समय मौजूद स्पोर्ट्स टीचर लक्ष्मीकांत साहू ने घोर लापरवाही की और उनके बच्चे को न तो त्वरित चिकित्सा दी गई और ना ही इस बात की सूचना परिजनों को दी. बाद में सिद्धार्थ के सहपाठियों ने पहल करते हुए इस बात की सूचना सिद्धार्थ के माता-पिता को दी. सूचना मिलने पर वे स्कूल गये और इस लापरवाही की शिकायत स्कूल प्रबंधन से की. डेसी ने बताया कि बच्चा दर्द से कराह रहा था,इसलिये हम जल्दी से उसे अपोलो अस्पताल बिलासपुर ले जाने के लिये बाहर निकले.उस दौरान गेट के पास मौजूद स्पोर्ट्स टीचर लक्ष्मीकांत साहू ने उनके खिलाफ गलत शिकायत करने की बात कहते हुए राकेश छाबड़ा और डेसी के साथ दुर्व्यवहार किया. इस बात पर दोनों पक्षों में धक्कामुक्की हुई और उसके बाद हम बच्चे को लेकर इलाज कराने बिलासपुर रवाना हो गये.

डेसी के मुताबिक स्पोर्ट्स टीचर लक्ष्मीकांत साहू ने लोगों के बहकावे में आकर थाने में झूठी शिकायत करा दी कि उसे जातिगत रुप से अपमानित किया गया है और उसके साथ मारपीट की गई है.डेसी का दावा है कि लक्ष्मीकांत साहू से उनके पारवारिक संबंध हैं और तात्कालिक आक्रोश में जो मामूली घटना हुई,उसे जातीय स्वरुप दिया गया. डेसी के मुताबिक चूंकि उनके पति जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से जुडे हैं,इसलिये बाकी दोनों राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस ने इसमें सियासत की और मामले को राजनीतिक रंग देते हुुए पुलिस पर अतिरिक्त धारा लगाने का दबाव बनाया और पुलिस ने दबाव में आकर धारा 452,186 और 353 जोड़ दिया, जबकि हकीकत में ऐसी कोई बात ही नहीं हुई है.डेसी का कहना है कि स्पोर्ट्स टीचर को जातिगत गाली नहीं दी गई है और जब उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया,तभी मेरे पति राकेश छाबड़ा ने उनके साथ धक्कामुक्की की.डेसी ने कहा कि इस पूरे मामले को जातीय और राजनीतिक रंग दिये जाने से उनका पूरा परिवार बुरी तरह से आहत है,जिसका दुष्प्रभाव बच्चों में भी दिखाई दे रहा है. उन्होंने मांग की कि मामले में उनके पक्ष को सुनकर ही कार्रवाई की जानी चाहिये.

ईधर मुंगेली एस.पी. सी.डी,टंडन ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव के आरोप को इंकार करते हुए कहा है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर राकेश छाबड़ा के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है. हड़ताल के बाद नई धाराएं जोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने पहले सुना था कि यह स्कूल शासकयी है,इसलिये इस तरह की धाराएं जोड़ी गई थी,लेकिन अब विवेचना के बाद यह तय किया जायेगा कि नई धाराएं मामले के अनुकुल हैं या नहीं.

देखिये वीडियो इस मामले में बच्चों का क्या कहना है …

 

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