राजधानी के ‘द रेडियंट वे स्कूल’ के पारदर्शी ड्रेस पर परिजनों ने आपत्ति जताते हुए किया हंगामा, बच्चियों के साथ बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं के बाद उठाया कदम, लगाए ये आरोप

अखिलेश जायसवाल/सत्यपाल सिंह,रायपुर। देश प्रदेश में दिनों दिन बढ़ रही बच्चियों से दुष्कर्म और अश्लीलता की घटनाओं को लेकर परिजन चिंता में है. ऐसे में परिजनों ने स्कूल के ड्रेसों की गुणवत्ता पर भी आपत्ति जताई है. छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित सरस्वती नगर थाना इलाके के ‘द रेडियंट वे स्कूल’ में पहुंचकर परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल द्वारा मनमाना तरीके से ड्रेस चेंज किया जा रहा है. ड्रेस भी पारदर्शी है और ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठता है. इसकी शिकायत अब वो स्कूल शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से करने की बात कह रहे हैं.

स्कूल प्रबंधन कर रही व्यवसाय ?

परिजनों का कहना है कि हमारे बच्चों के पास पुराने ड्रेस अच्छे कंडीशन में होने के बावजूद ड्रेस को बदल दिया गया. यह सब समझ से परे है. क्या व्यवसाय के लिए ड्रेस को चेंज किया जा रहा है या कुछ औऱ कारण है ? प्रबंधन इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है. इसी समस्या को लेकर सभी परिजन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए है. स्कूल की प्रिंसिपल से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराया और फीस बढ़ोतरी को लेकर बातचीत की गई.

प्रिंसिपल के पति करने लगे गाली-गलौच

उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल से चर्चा के दौरान उनके पति बीच में आ गए और परिजनों से गाली-गलौज करते हुए देख लेने की बात कहते रहे. परिजनों से दुर्व्यवहार किया. ऐसे में सवाल उठता है कि जब परिजनों से स्कूल प्रबंधन इस तरह की गाली गलौज देते हुए दुर्व्यवहार करती है, तो बच्चों से किस तरह के व्यवहार करती होगी ?

इनसे करेंगे शिकायत

स्कूल प्रबंधन के संचालक बच्चों और परिजनों से दुर्व्यवहार करते हैं इसकी शिकायत स्कूल शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से की जाएगी.

पारदर्शी शर्ट में अंदर से दिखता हाथ

पारदर्शी शर्ट की कीमत 700 रुपए

स्कूल प्रबंधन फीस स्ट्रक्चर और मनमाना तरीके से स्कूल के ड्रेस को बदल रही है. परिजनों को एक ही दुकान से ड्रेस और पुस्तकें लेने को कहा जाता है. परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन व्यवसाय की तरह काम कर रही है. बच्चों के भविष्य औऱ परिजनों की समस्या को नजरअंदाज कर रही है. परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने 20 प्रतिशत तक फीस में बढ़ोत्तरी की है. एक शर्ट की कीमत 700 रुपए रखी गई है और कंपलसरी कर दी गई है. जबकि यह शर्ट पहनने से शरीर के अंदर का हिस्सा दिखाई देता है.

स्कूल प्रबंधन का बयान

स्कूल प्रबंधन की उप प्राचार्य अर्पिता राठौर का कहना है कि ड्रेस ख़रीदने के लिए एक दुकान में कंपलसरी इसलिए किया गया है क्योंकि जो इस स्कूल का मोनो लगता है वो हर जगह उपलब्ध नहीं होता है. जब शर्ट की क्वालिटी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा है कि हम आगे अच्छे से बेहतर क्वालिटी के ड्रेस उपलब्ध कराएंगे. फीस वृद्धि को लेकर सवाल पूछा तो कहा कि हमने सिर्फ़ 8-10% तक ही वृद्धि की है.

सवाल यह उठता है कि क्या स्कूल प्रबंधन शिक्षा के नाम पर व्यवसाय कर रही है ? परिजनों से गाली-गलौच करते हुए बदतमीजी कर रही है. सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि बच्चियों के लिए पारदर्शी शर्ट का चयन किया जा रहा है. आज बच्चियां देश प्रदेश में कितनी महफूज है ये आप तो भली भांति जानते हैं ? अब देखना यह होगा कि क्या स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई होती या फिर नहीं. परिजन इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से करेंगे तो क्या ये कोई कार्रवाई करेंगे ?

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