रमेश सिन्हा, पिथौरा. एक बार फिर शिक्षा विभाग के खोखले दावों की पोल खुल गई है. महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के लमकसा प्राइमरी स्कूल में बड़ा हादसा होने से बच गया, स्कूल के भवन की छत अचानक गिर गई. गनीमत यह रही की घटना के वक्त स्कूली बच्चे भवन के बाहर प्रार्थना कर रहे थे, नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था, स्कूल भवन काफी जर्जर हो चुका था. वहीं मामले की जानकारी के बाद स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीण स्कूल पहुंचे. फिलहाल बच्चों के पढ़ने के लिए अभी वैकल्पिक व्यवस्था सामूदायिक भवन में की गई है.

वहीं स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने बताया कि, स्कूल भवन जर्जर हो जाने की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई थी. लेकिन अधिकारियों ने इसकी कभी सुध नहीं ली. यहां के बच्चे जर्जर भवन में जिंदगी दांव में लगाकर शिक्षा लेने पर मजबूर हैं. बच्चों के पालकों का कहना है कि इस जर्जर भवन में अब अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे.

घटना से बच्चे भी काफी भयभीत हो गए हैं. प्रशासन बेहतर माहौल में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लाख दावे करता हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में दावों को हकीकत इसके विपरीत है. अब मामले को लेकर ग्रामीण आक्रोश में है. ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा स्कूली बच्चे क्यों भुगतें. अब सवाल यह उठता है कि जर्जर भवन में बच्चों को बैठाकर जान के साथ क्यों खिलवाड़ किया जा रहा है.