रायपुर. मुख्य निर्वाचन पदाधिकरी ने कहा कि मतगणना भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी. विधानसभा निर्वाचन -2018 में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक रेण्डमली चयनित वीवीपैट मशीन की पर्चियों की गणना ईवीएम में दर्ज मतों के साथ की जाएगी. गणना के लिए उस वीवीपैट का निर्धारण लॉटरी के आधार पर होगा. सभी प्रत्याशियों अथवा उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में लॉटरी निकाली जाएगी.

इसके अतिरिक्त ऐसी कंट्रोल यूनिट जिसमें परिणाम प्रदर्शित न हो, उसकी भी गणना वीवीपैट के पर्ची के माध्यम से की जाएगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि जिन परिस्थितियों में किसी विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना वीवीपैट पर्ची के आधार पर की जा सकती है, उसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के पृथक से
स्पष्ट निर्देश हैं.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी 11 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों में सभी विधानसभाओं की मतगणना डाक मतपत्रों तथा ईवीएम में दर्ज मतों के आधार पर होगी तथा प्रत्येक विधानसभा की एक वीवीपैट की पर्ची की गिनती होगी जिससे ईवीएम में दर्ज मतों की पुष्टि होगी.

मतों की गणना के लिए विधानसभावार टेबल लगाए जाएंगे. प्रत्येक विधानसभा के लिए 14 टेबल होंगे. इन टेबलों के अलावा डाक मतपत्र के लिए अतिरिक्त टेबल लगाए जाएंगे. प्रत्येक डाक मतपत्र के गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग आॅफिसर होगा. डाक मतपत्र के प्रत्येक टेबल के लिए एक अतिरिक्त गणना अभिकर्ता नियुक्त किये जा सकेंगे. सर्विस वोटर्स को जारी इलेक्ट्राॅनिकली ट्राॅंसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ETPBS) की गणना डाक मतपत्रों की तरह ही की जाएगी, किन्तु इसका पूर्व सत्यापन किया जाना अनिवार्य होगा.