सनातन धर्म में खरमास के दौरान शुभ कार्यों पर विराम रहता है, लेकिन इसके समाप्त होते ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. अप्रैल में विवाह की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि 14 अप्रैल को सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा.

मेष संक्रांति से शुरू होंगे मांगलिक कार्य
सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इस दिन मेष संक्रांति मनाई जाएगी. पुण्य काल सुबह 06:20 बजे से दोपहर 01:49 बजे तक रहेगा, जबकि महा पुण्य काल सुबह 07:33 बजे से 11:44 बजे तक है. इसके साथ ही शुभ कार्यों का सिलसिला 15 अप्रैल से फिर शुरू हो जाएगा.
शादी के लिए शुभ मुहूर्त तारीख
- 15 अप्रैल को दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे तक विवाह का शुभ समय है.
- 20 अप्रैल को सुबह 4:35 बजे से 7:28 बजे तक विवाह किया जा सकता है.
- 21 अप्रैल को सुबह 4:15 बजे से 5:52 बजे तक का मुहूर्त अनुकूल है.
- 25 अप्रैल को भी विवाह शुभ माना गया है.
- 5.26 अप्रैल को सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे तक का समय श्रेष्ठ है.
- 27 अप्रैल को रात 9:18 बजे से 9:35 बजे तक का संक्षिप्त मुहूर्त है.
- 28 अप्रैल का पूरा दिन विवाह के लिए अनुकूल है.
- 29 अप्रैल को सुबह 5:59 बजे से रात 7:52 बजे तक विवाह किया जा सकता है.
अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया भी मनाई जाएगी. जिसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है. इस दिन बिना पंचांग देखे भी विवाह सहित सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य अक्षय फल देते हैं, जिससे वैवाहिक जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है.
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