हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. खासतौर पर चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली कामदा एकादशी को अत्यंत पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है. पंचांग के अनुसार इस वर्ष कामदा एकादशी रविवार, 29 मार्च को मनाई जाएगी.

व्रत में नियम का पालन करना जरूरी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एकादशी के व्रत का विधिवत पालन करना जरूरी माना जाता है. कहा जाता है कि छोटी भी गलती वैभव में कमी का कारण बन सकती है. इस दिन विशेष रूप से चावल खाने को वर्जित माना गया है. इस दिन चावल खाने से व्यक्ति अगले जन्म में रेंगने वाले जीव के रूप में जन्म ले सकता है. इस दिन सात्विक भोजन जैसे फल, मेवे और अंगूर आदि का सेवन करना चाहिए.
भगवान विष्णु को है प्रिया एकादशी
भगवान विष्णु को तुलसी दल, कार्तिक मास और एकादशी व्रत विशेष रूप से प्रिय हैं. साल में 24 एकादशी होती हैं. हर महीने दो व्रत रखे जाते हैं. जो व्यक्ति एकादशी व्रत के दौरान तुलसी अर्पित करता है और विधिपूर्वक व्रत रखता है, उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार इंद्र ने भगवान विष्णु से दैत्य मुर के अत्याचारों से रक्षा की प्रार्थना की थी. स्कंद पुराण में एकादशी माता की उत्पत्ति और व्रत का महत्व बताया गया है.
एकादशी व्रत किस तरह शुरू करना चाहिए
एकादशी वाले दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प ले. भगवान विष्णु व लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए. तुलसी, जल अर्पित करना, दान-पुण्य का इस दिन विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इससे समृद्धि बढ़ती है. अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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