खाड़ी क्षेत्र में ईरान और इजराइल के बीच सैन्य और राजनीतिक तनाव चरम पर है और दोनों ही पक्ष एक दूसरे को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. मिसाइलों का तांडव चल रहा है और होड़ लगी है कि खुफिया एजेंसियां किसे सबसे पुख्ता खबर दे रही हैं. हाल ही में इजराइल ने ईरान के सर्वोच्च नेता के चुनाव के लिए मतगणना कर रहे 88 सदस्यों पर हमला किया और बड़े लीडर्स को मार गिराने का दावा भी किया. हमला मतगणना के दौरान हुआ और सीधा पावर हाउस को निशाना बनाया गया.
इसके थोड़ी ही देर बाद ईरान के स्टेट टीवी IRIB के बताया कि सभी भवनों को पहले ही खाली कर दिया गया था और इजरायल की ये चाल बेकार चली गई. ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया इजराइल के इस हमले की खबर उसे पहले ही लग गई थी और बिल्डिंग को खाली करा लिया गया था. दोनों देश अपने-अपने दावे कर रहे हैं लेकिन सच्चाई क्या है, ये अब भी पहेली है. इजरायल ने तो ये भी कहा है कि ईरान के नए रक्षा मंत्री को भी ढेर कर दिया गया है लेकिन ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की.
‘हमारे हर कमांडर के 3 उत्तराधिकारी’
ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान के हर कमांडर के कम से कम तीन उत्तराधिकारी नियुक्त हैं, इसलिए यदि कोई कमांडर मारा भी जाता है तो नेतृत्व में कोई कमी नहीं आएगी. उनका कहना है कि दुश्मन ने सोचा कि युद्ध की शुरुआत में हमारे नेता की हत्या से ईरान में खात्मे की स्थिति पैदा हो जाएगी, लेकिन यह भूल और गलत अनुमान था.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा कि जब रेड लाइन का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अपमान हुआ, तो उन्हें बड़े पैमाने पर हमले करने से कोई रोक नहीं सकता था. ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने भी कहा कि मिसाइलों द्वारा निशाना बनाए गए स्थल पहले ही खाली कर दिए गए थे और ईरान पर हमला करने वाले केवल खाली इमारतों को नष्ट कर रहे हैं. उनका कहना है कि पश्चिमी ताकतें ईरान को शाह के दौर में वापस ले जाकर क्षेत्रीय तेल और अर्थव्यवस्था पर कब्जा करना चाहती हैं, लेकिन उनके कोई लक्ष्य सफल नहीं होंगे.
आगे होंगे और भी हाहाकारी हमले
एक ईरानी अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में बताया कि हमले रुकने की कोई उम्मीद नहीं है बल्कि ये आगे और भी तेज होंगे. ईरान का स्पष्ट संदेश है कि यदि किसी ने उनके नेतृत्व को निशाना बनाया, तो प्रतिक्रिया प्रलयकारी होगी. ईरान की रक्षा और खुफिया प्रणाली इतनी मजबूत है कि चार दिन से चल रहे भयावह हमलों और हवाई धमकियों के बावजूद देश में कामकाज चल रहा है.
इजरायल के तबाड़तोड़ हमले जारी
इस बीच इजराइल ने भी ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है और दोनों पक्ष आपस में बड़े पैमाने पर सैन्य और रणनीतिक हमलों में लगे हुए हैं. मिसाइल हमले, ड्रोन मिशन और काउंटर-एयर डिफेंस संचालन लगातार जारी हैं. ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष में दोनों ही पूरी ताकत झोंक रहे हैं, ईरान का कहना है कि वो अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा, जबकि इजराइल क्षेत्रीय दबदबे और ईरानी ताकत को कमजोर करने के लिए लगातार हमले कर रहा है.
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