Bihar Politics: बिहार की सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। बिहार कांग्रेस में एक बड़ी फूट के आसार नजर आ रहे हैं। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में आज ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को सफल बनाने के लिए एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलने वाले राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना था।

बैठक में पार्टी के सभी सांसदों, जिला अध्यक्षों और विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों को बुलाया गया था, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस के 6 में से 3 विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद बैठक में विधायकों की गैरहाजिरी को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जाने लगे हैं।

कांग्रेस की बैठक से पार्टी के 3 विधायकों की अनुपस्थिति पर जदयू की बड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक झा ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि, कांग्रेस विधायकों का रुझान अब NDA की तरफ है। अगर 14 जनवरी (खरमास) के बाद ये विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए हमारे साथ आ जाएं, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि, तेजस्वी यादव को सोचना चाहिए कि वे विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल साबित हो रहे हैं।

हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने पार्टी में टूट की खबरों को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि, कुछ विधायकों के न आने का यह मतलब कतई नहीं है कि पार्टी में बिखराव है। असित नाथ तिवारी ने आगे कहा कि, कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है, टूट तो बीजेपी में होगी।

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