पाकिस्तान के सबसे बड़े आतकंवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने भी अब स्वीकार लिया है कि भारत का “ऑपरेशन सिंदूर” सबसे बड़ा हमला था। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने मुरीदके स्थित मरकज़-ए-तैयबा में 29वें दीक्षांत समारोह में भारत के ऑपरेशन सिंदूर को “बड़ा हमला” करार दिया है। लश्कर कमांडर ने कहा किया कि “ऑपरेशन सिंदूर” सबसे बड़ा हमला था, लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया”। लश्कर कमांडर के इस कुबूलनामे से एक बार फिर साफ हो गया है कि भारतीय सेना के हमले से पाकिस्तान के आतंक की जड़ें हिल गईं थीं और शहबाज सरकार इसीलिए बौखला गई थी।

रऊफ ने की थी आतंकियों के जनाजे की अगुवाई

बता दें कि, लश्कर का शीर्ष कमांडर अब्दुल रऊफ अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित है और यह LeT के साथ हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता है। इसी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकियों के जनाजे की अगुवाई की थी। उस जनाजे में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिससे पाकिस्तान की आतंकवादियों से सांठगांठ उजागर हुई। रऊफ ने भाषण में कहा, “6-7 मई को मुरीदके में जो हुआ, वह बहुत घातक था।…मस्जिद को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया। यह बड़ा हमला था, लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया। बच्चे यहां नहीं थे, उनके शुभचिंतकों ने उन्हें हटाया।

भारत ने किया था सटीक पलटवार

भारत के इस हमले से पाकिस्तान बौखला गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत में ड्रोन और मिसाइल हमले किए, लेकिन भारतीय सेना ने उन सभी हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। इससे तुर्की के ड्रोन और चीनी मिसाइलों व फाइटर जेट्स की भारी बेइज्जती हुई। इसके बाद किए गए पलटवार में भारत ने पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस को ब्रह्मोस मिसाइल हमले में उड़ा दिया। इस हमले के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई। भारतीय सेना के इस भीषण हमले के बाद पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से सीजफायर की गुहार लगाने लगे, जिसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन स्थगित कर दिया।

भारत ने 6-7 मई को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर किया था हमला

भारत ने यह ऑपरेशन 6-7 मई 2025 को चलाया गया था। भारत ने यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के जवाब के तौर पर की थी। पहलगाम में 26 पर्यटकों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। भारत ने इस जवाबी ऑपरेशन में पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे, जिसमें LeT का मुख्यालय मरकज़-ए-तैयबा (मुरिदके) और जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर में ठिकाना शामिल था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों में LeT और JeM के कई शीर्ष आतंकी मारे गए, जिनमें मुरीदके के प्रमुख मुदस्सर खडियान खास (अबू जंदाल) जैसे आतंकी शामिल थे।

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