अगर आप उत्तरी दिल्ली, खासकर रिंग रोड और कश्मीरी गेट इलाके में लगने वाले भारी जाम से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आ सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कश्मीरी गेट ISBT से निकलने वाली इंटरस्टेट बसों के रूट को पूरी तरह बदलने की बड़ी योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य शहर के अंदरूनी इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम करना, जाम से निजात दिलाना और यात्रियों के लिए सफर को ज्यादा तेज और सुगम बनाना है।

अब शहर के बीच से नहीं गुजरेंगी बसें

फिलहाल हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जाने वाली इंटरस्टेट बसें रिंग रोड और आउटर रिंग रोड से होते हुए नेशनल हाईवे-44 पर जाती हैं, जिससे कश्मीरी गेट और आसपास के इलाकों में भारी जाम लगता है। हालांकि, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नए प्रस्ताव के तहत इन बसों को अब देहरादून एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जा सकता है। इससे राजधानी के अंदरूनी हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लंबी दूरी के यात्रियों का सफर भी तेज़ हो सकेगा।

क्या है पुलिस का नया ‘रूट मैप’?

डीसीपी ट्रैफिक निशांत गुप्ता द्वारा दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, इंटरस्टेट बसों के लिए नया रूट इस तरह तय किया गया है. बसें कश्मीरी गेट ISBT से निकलकर रिंग रोड होते हुए जीटी रोड और शास्त्री पार्क की ओर जाएंगी। इसके बाद वे सीधे देहरादून एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगी। आगे चलकर बसें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से होते हुए सोनीपत के पास नेशनल हाईवे-44 से जुड़ जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इस बदलाव से कश्मीरी गेट, रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर बसों का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय यातायात को राहत मिलेगी और लंबी दूरी की बसों का सफर ज्यादा सुगम होगा।

क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, मौजूदा रूट के कारण कश्मीरी गेट और रिंग रोड के आसपास चंदगी राम अखाड़ा और जीटी करनाल बाईपास जैसी जगहों पर अक्सर भीषण जाम लग जाता है। इसके असर से दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस और आजादपुर मंडी तक ट्रैफिक प्रभावित होता है। अधिकारी बताते हैं कि लंबा समय खड़े रहने वाली गाड़ियों के कारण हवा में प्रदूषण बढ़ता है, जो लोगों की सेहत पर नकारात्मक असर डालता है।

क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?

सड़क सुरक्षा से जुड़े एनजीओ ‘गुरु हनुमान सोसाइटी ऑफ इंडिया’ ने भी ट्रैफिक पुलिस के इस रूट डायवर्ज़न प्लान का समर्थन किया है। एनजीओ का कहना है कि इंटरसिटी बसों को दिल्ली के कोर एरिया से बाहर निकालना जाम कम करने का सबसे असरदार तरीका है। वर्तमान में यह प्रस्ताव दिल्ली परिवहन विभाग के पास है, जो इसके व्यावहारिक क्रियान्वयन और लॉजिस्टिक पहलुओं की समीक्षा करेगा।

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