गर्मियों में दिल्लीवासियों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए दिल्ली सरकार ने व्यापक योजनाएं बनाई हैं. जल मंत्री प्रवेश वर्मा(Pravesh Verma) ने बुधवार को विधानसभा में इस संबंध में जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जलसंकट से निपटने के लिए शहर में 239 नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे और जल आपूर्ति में सुधार के लिए जल टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 1327 की जाएगी. इसके अतिरिक्त, वर्मा ने यह भी बताया कि शहर को टैंकर मुक्त बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने विभाग में 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मजदूरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 करने की योजना की घोषणा की.
प्रवेश वर्मा ने जानकारी दी कि दिल्ली की मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जल वितरण की निगरानी के लिए दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय में एक कमांड सेंटर की स्थापना की गई है, जिसका उद्घाटन आगामी एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री गुप्ता द्वारा किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, वर्मा ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा और टैंकरों की निगरानी के लिए उनमें जीपीएस प्रणाली भी स्थापित की जाएगी.
इस अवसर पर उन्होंने भाजपा विधायकों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं के प्रति इतने संवेदनशील हैं कि केवल 15 दिनों में ही वे चीफ इंजीनियर के स्तर तक पहुंच गए हैं. जलमंत्री का यह बयान इस कारण था कि उनके अनुसार, अधिकांश विधायकों को जल बोर्ड के अधिकारियों से भी अधिक जानकारी प्राप्त हो चुकी है.
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से बात करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि मैं अध्यक्षजी को एक बात के लिए बधाई देना चाहता हूं. हमारे कई सदस्य पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन केवल 15 दिनों में ही वे सभी चीफ इंजीनियर की तरह काम कर रहे हैं. जब वे मेरे पास आते हैं, तो हमारे अधिकारियों को भी उतनी जानकारी नहीं होती, जितनी विधायकों को होती है. उन्हें यह पता है कि किस डाया की लाइन या पाइप डालनी है, उनकी चौड़ाई क्या होनी चाहिए, और कहां पर डिफेक्ट या लीकेज है. हर क्षेत्र और गली की पूरी जानकारी उनके पास है, जिससे अधिकारी भी हैरान हैं कि 15 दिनों में उन्हें यह सब कैसे पता चला.
उन्होंने आगे कहा कि विधायकों को यह जानकारी इस कारण मिली है कि वे प्रतिदिन सुबह दो से तीन घंटे जनता के बीच बिताते हैं, उनके साथ संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं को सुनते हैं. वे गलियों का दौरा कर रहे हैं और वहां जाकर लोगों के बीच काम कर रहे हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनमें काम करने की सच्ची इच्छा है. वे केवल अपने होर्डिंग लगाकर प्रचारित नहीं होना चाहते, बल्कि वास्तविक कार्य करना चाहते हैं.
डिमांड और सप्लाई में 260 MGD पानी का अंतर
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में जानकारी दी कि दिल्ली को प्रतिदिन 1250 मिलियन गैलन (MGD) पानी की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 990 MGD पानी उपलब्ध है. इसमें से 864 MGD पानी अन्य राज्यों से प्राप्त किया जाता है, जबकि 126 MGD ग्राउंड वाटर के रूप में लिया जाता है. इस कमी को पूरा करने के लिए, सरकार अगले तीन महीनों में 239 नए ट्यूबवेल स्थापित करने की योजना बना रही है, जिनमें से मई में 96, जून में 88 और जुलाई में 55 ट्यूबवेल कार्यशील हो जाएंगे.
जलमंत्री बोले- दिल्ली में पानी की कमी नहीं
वर्मा ने बताया कि वर्तमान में 901 पानी के टैंकर कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 1327 किया जाएगा. उन्होंने टैंकरों को एक अस्थायी उपाय के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि पानी की कमी के असली कारणों का समाधान करना आवश्यक है. जलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे पास पर्याप्त जल संसाधन हैं, लेकिन हमें अपनी कमियों को दूर करना होगा, जिसमें लीकेज और चोरी को रोकना प्राथमिकता है.
पानी के टैंकरों में GPS व सेंसर लगाए जाएंगे
मंत्री ने जानकारी दी कि ‘सीवरों की सफाई के उद्देश्य से शीघ्र ही 32 नई सुपर सकर मशीनें स्थापित की जाएंगी, इसके साथ ही 30 अतिरिक्त मशीनों के लिए टेंडर को मंजूरी दी जाएगी, जिससे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मशीन उपलब्ध हो सके. उन्होंने यह भी बताया कि अगले चार महीनों में सभी प्रमुख नालों और सीवरों से गाद को हटाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, और पानी के टैंकरों में सेंसर लगाए जाएंगे ताकि पानी के स्तर की सटीक निगरानी की जा सके.’
अगले 15 दिन में अटेंडेंस के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लगेंगे
वर्मा ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय ‘वरुणालय’ में जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए अगले 15 दिनों में फिंगरप्रिंट और बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रखरखाव और परियोजना कार्य के लिए विभाग में 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी, और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मजदूरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 करने का निर्णय लिया गया है.
वर्मा ने बताया कि शहर में जल संकट को हल करने के लिए वर्तमान में 901 पानी के टैंकर कार्यरत हैं, और इस वर्ष इनकी संख्या बढ़ाकर 1327 करने की योजना है. हालांकि, उन्होंने टैंकरों को एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा और कहा कि जल संकट के मूल कारणों का समाधान आवश्यक है. जलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे पास जल की कोई कमी नहीं है, बल्कि हमें अपनी कमियों को दूर करना होगा, जिसमें लीकेज और जल चोरी को रोकना शामिल है.
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